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प्रदेश में आरटीआई के 21578 मामले लंबित : राज्य सूचना आयुक्त

Sun, 19 Apr 2026 02:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:03 AM IST
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21578 RTI cases pending in the state: State Information Commissioner
जौनपुर। राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह वत्स ने कहा कि आरटीआई केवल सूचना पाने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान का जरिया बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 54,401 मामलों में से अब तक 33,181 का निस्तारण किया गया है और जौनपुर में पिछले दो वर्षों में 1,244 मामलों में से 927 का निस्तारण हुआ है। वर्तमान में आरटीआई के 21578 मामले लंबित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आरटीआई जागरूकता के लिए ब्लॉक व ग्राम स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं और भ्रामक जानकारी देने वाले अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह वत्स शनिवार को जौनपुर प्रवास पर रहे। वाराणसी प्रस्थान करने से पूर्व उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित डाक बंगले में पत्रकारों से वार्ता की और आरटीआई (सूचना का अधिकार) की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत आंकड़े साझा किए। जौनपुर जिले के संदर्भ में उन्होंने बताया कि यहां आरटीआई के मामले अपेक्षाकृत कम दर्ज हो रहे हैं। पिछले दो वर्षों में जिले से 1,244 मामले आए, जिनमें से 927 का निस्तारण कर दिया गया है। इससे पूर्व, आयुक्त ने चंदवक क्षेत्र के ब्राह्मणपुर में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरटीआई केवल सूचना प्राप्त करने का जरिया नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए ब्लॉक और ग्राम स्तर पर विशेष कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए वीरेंद्र सिंह वत्स ने कहा कि यदि कोई अधिकारी जानबूझकर अधूरी या भ्रामक जानकारी देता है, तो अपील के दौरान जांच कर उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल को और अधिक सुदृढ़ बनाने की बात भी कही। आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी को सूचना मांगने पर धमकी मिलती है, तो वे तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करें। इस अवसर पर केराकत तहसीलदार अजीत कुमार, प्रवीण सिंह, सतीश सिंह और थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
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