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नहर कटने से 40 बीघा फसल जलमग्न
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:28 AM IST
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सतहरिया। मुंगरा बादशाहपुर के गांव सोंहासा में गुरुवार की रात नहर कट जाने से लगभग 40 बीघा उर्द व मूंग की फसल पानी में डूब गया। शुक्रवार की सुबह जब किसानों ने उर्द व मूंग की फसल पानी में डूबा देखे तो उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद नहर के पाटक को बंद कर पाए। फाटक बंद होने से किसानों ने राहत की सांस ली।
गुरुवार को शारदा सहायक खंड 39 पुरऊपुर में पानी आया था। गांव छनेहता के पास से उक्त नहर से छोटी नहर निकली है, जो सोंहासा गांव होते हुए आगे निकल जाती है। लेकिन रात में अचानक सोहासा गांव के पास नहर कट जोने से जगदंबा प्रसाद पटेल, कृष्ण प्रसाद, हरी प्रसाद,अमर सिंह, राम देव, राम नारायण,शिव मूर्ति यादव, बांसुरी देव,श्रीराम लाल पटेल,अवध नारायन सिंह,बजरंगी प्रजापति, जिया राम, रमाशंकर, रणजीत पटेल, आदि एक दर्जन से अधिक किसानों का खेत जलमग्न हो गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह रण विजय सिंह के घर तक पहुंच गई। उनकी फसल भी पानी में डूब गई। शुक्रवार सुबह जब किसानों ने अपने खेतों में पानी लगा देखा तो उनके होश उड़ गए। गांव में अफरातफरी मच गई। किसान टूटे नहर को बांधने के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद जब वे सभी किसान नहर के फाटक को बंद करने में कामयाब हुए। पीड़ित किसानों का कहना है कि खेती ही हम लोगों का एक मात्र सहारा है।फसल चौपट हो जाने से हमारे परिवार के सामने भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने इसकी सूचना संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दे दिया है।
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गुरुवार को शारदा सहायक खंड 39 पुरऊपुर में पानी आया था। गांव छनेहता के पास से उक्त नहर से छोटी नहर निकली है, जो सोंहासा गांव होते हुए आगे निकल जाती है। लेकिन रात में अचानक सोहासा गांव के पास नहर कट जोने से जगदंबा प्रसाद पटेल, कृष्ण प्रसाद, हरी प्रसाद,अमर सिंह, राम देव, राम नारायण,शिव मूर्ति यादव, बांसुरी देव,श्रीराम लाल पटेल,अवध नारायन सिंह,बजरंगी प्रजापति, जिया राम, रमाशंकर, रणजीत पटेल, आदि एक दर्जन से अधिक किसानों का खेत जलमग्न हो गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह रण विजय सिंह के घर तक पहुंच गई। उनकी फसल भी पानी में डूब गई। शुक्रवार सुबह जब किसानों ने अपने खेतों में पानी लगा देखा तो उनके होश उड़ गए। गांव में अफरातफरी मच गई। किसान टूटे नहर को बांधने के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद जब वे सभी किसान नहर के फाटक को बंद करने में कामयाब हुए। पीड़ित किसानों का कहना है कि खेती ही हम लोगों का एक मात्र सहारा है।फसल चौपट हो जाने से हमारे परिवार के सामने भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने इसकी सूचना संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दे दिया है।
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