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राजनैतिक सौदेबाजी के कारण पार्टी को मिली पराजय
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:52 AM IST
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मडियाहूं। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा के उपचुनाव में पराजय के बाद भारतीय जनता पार्टी में आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने शनिवार को यहां कहा कि राजनीतिक सौदेबाजी के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। शनिवार को भाजपा नेता ब्रह्मदेव मिश्र के आवास पर बातचीत में कहा कि स्थानीय मुद्दे, कम मतदान और अति आत्मविश्वास हमें ले डूबा।
उन्होंने कहा पराजय के बाद हमें इसकी तोड़ खोजनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कल्याणकारी कार्य हुए हैं उससे लोगों में विश्वास जगा है। उपचुनाव में लोकल मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं और आम चुनाव में राष्ट्रीय महत्व के सवाल अहम होते हैं। आम चुनाव में कल्याणकारी कार्यों का फायदा मिलेगा लेकिन पराजय की समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब अंतिम समय में प्रत्याशी घोषित किए गए तो सभी दल अलग थे लेकिन एक बेमेल गठबंधन सपा-बसपा ने बना लिया, जिसे समझने में भूल हुई। इसका प्रमुख कारण अति आत्मविश्वास है। स्थानीय नेताओं की नाराजगी भी हार का कारण बनी। पार्टी इन सबकी समीक्षा कर रही है। जो सत्ता में रहते हैं उसके नेता और कार्यकर्ता अति आत्मविश्वास में रहते हैं। महागठबंधन के बाद भी 2019 में मोदी के नेतृत्व में फिर भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत में होगी क्योंकि इस सरकार ने अपने काम से राष्ट्रीय स्तर पर एक छवि कायम की है। कृष्णमोहन तिवारी, सुरेश गुप्ता, राजेंद्र श्रीवास्तव, भैया राम पटेल, संतोष दुबे, रामविलास पाल, विनय सिंह आदि उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा पराजय के बाद हमें इसकी तोड़ खोजनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कल्याणकारी कार्य हुए हैं उससे लोगों में विश्वास जगा है। उपचुनाव में लोकल मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं और आम चुनाव में राष्ट्रीय महत्व के सवाल अहम होते हैं। आम चुनाव में कल्याणकारी कार्यों का फायदा मिलेगा लेकिन पराजय की समीक्षा जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि जब अंतिम समय में प्रत्याशी घोषित किए गए तो सभी दल अलग थे लेकिन एक बेमेल गठबंधन सपा-बसपा ने बना लिया, जिसे समझने में भूल हुई। इसका प्रमुख कारण अति आत्मविश्वास है। स्थानीय नेताओं की नाराजगी भी हार का कारण बनी। पार्टी इन सबकी समीक्षा कर रही है। जो सत्ता में रहते हैं उसके नेता और कार्यकर्ता अति आत्मविश्वास में रहते हैं। महागठबंधन के बाद भी 2019 में मोदी के नेतृत्व में फिर भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत में होगी क्योंकि इस सरकार ने अपने काम से राष्ट्रीय स्तर पर एक छवि कायम की है। कृष्णमोहन तिवारी, सुरेश गुप्ता, राजेंद्र श्रीवास्तव, भैया राम पटेल, संतोष दुबे, रामविलास पाल, विनय सिंह आदि उपस्थित रहे।
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