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खुटहन कांड में प्रधान सहित तीन गिरफ्तार
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:42 PM IST
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खुटहन। ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पिछले दिनो खुटहन में हुए पथराव, आगजनी और फायरिंग मामले में पुलिस ने खुटहन के ग्राम प्रधान समेत तीन और लोगों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को जेल भेज दिया गया है। ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान मौके पर नहीं थे लेकिन उनको भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में इससे पहले आठ लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू के घर दबिश भी पड़ चुकी है।
छह नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान जमकर फायरिंग, पथराव हुआ था। इस मामले में सांसद प्रतापगढ़ हरिवंश सिंह ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह, पूर्व मंत्री विधायक शैलेंद्र यादव ललई सहित 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसओ खुटहन, एक महिला दरोगा और एक बीडीसी सदस्य ने भी केस दर्ज कराया है। पहले दिन पुलिस ने आठ लोगों गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद ग्राम प्रधान सहित तीन लोगों को जेल भेज दिया। खुहटन गांव में पुलिस का तांडव जारी है। लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव में केवल महिलाएं हैं। फोर्स गांव में गश्त कर रही है। लोगों में इस बात आक्रोश है कि निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा है। रविवार को खुटहन गांव के प्रधान समर बहादुर यादव उर्फ लोटा, शहाबुद्दीनपुर निवासी सभाराज यादव व इसी गांव के प्रेम नारायण यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक केके चौधरी का कहना है कि वीडियो फुटेज व साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारियां हो रही हैं।
उधर, ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए बवाल के एक सप्ताह बाद पहली बार खुटहन पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक पारस नाथ यादव ने क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष से बेगुनाहों को परेशान नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ब्लाक मुख्यालय पर जो भी हुआ वह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। घटना के वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए। युवकों को फर्जी फंसा कर उन्हें जरायम की दुनिया में न धकेला जाए। पूर्व मंत्री रविवार को थाने के बगल एक दुकान आकर बैठ गए। इसके कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी शाहगंज अवधेश शुक्ल भी थाने पर आ गए। पारसनाथ ने फोन कर सीओ और थानाध्यक्ष राम मूर्ति यादव को थाने के बाहर उक्त दुकान पर बुलवाया। जहां उनसे बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस की एक भूल किसी शरीफ युवक का भविष्य बिगाड़ सकती है। फर्जी मामले में जेल की सजा भुगतने के बाद पीड़ित के अंदर अपराध के भाव खुद आने लगता है। घटना की बारीकी से जांच कर दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाए।
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छह नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान जमकर फायरिंग, पथराव हुआ था। इस मामले में सांसद प्रतापगढ़ हरिवंश सिंह ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह, पूर्व मंत्री विधायक शैलेंद्र यादव ललई सहित 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसओ खुटहन, एक महिला दरोगा और एक बीडीसी सदस्य ने भी केस दर्ज कराया है। पहले दिन पुलिस ने आठ लोगों गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद ग्राम प्रधान सहित तीन लोगों को जेल भेज दिया। खुहटन गांव में पुलिस का तांडव जारी है। लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव में केवल महिलाएं हैं। फोर्स गांव में गश्त कर रही है। लोगों में इस बात आक्रोश है कि निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा है। रविवार को खुटहन गांव के प्रधान समर बहादुर यादव उर्फ लोटा, शहाबुद्दीनपुर निवासी सभाराज यादव व इसी गांव के प्रेम नारायण यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक केके चौधरी का कहना है कि वीडियो फुटेज व साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारियां हो रही हैं।
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उधर, ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए बवाल के एक सप्ताह बाद पहली बार खुटहन पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक पारस नाथ यादव ने क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष से बेगुनाहों को परेशान नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ब्लाक मुख्यालय पर जो भी हुआ वह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। घटना के वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए। युवकों को फर्जी फंसा कर उन्हें जरायम की दुनिया में न धकेला जाए। पूर्व मंत्री रविवार को थाने के बगल एक दुकान आकर बैठ गए। इसके कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी शाहगंज अवधेश शुक्ल भी थाने पर आ गए। पारसनाथ ने फोन कर सीओ और थानाध्यक्ष राम मूर्ति यादव को थाने के बाहर उक्त दुकान पर बुलवाया। जहां उनसे बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस की एक भूल किसी शरीफ युवक का भविष्य बिगाड़ सकती है। फर्जी मामले में जेल की सजा भुगतने के बाद पीड़ित के अंदर अपराध के भाव खुद आने लगता है। घटना की बारीकी से जांच कर दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाए।
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