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समझौते में जा सकती शाहगंज और मड़ियाहूं सीट
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:07 AM IST
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जौनपुर। नगर निकाय चुनाव में भाजपा शाहगंज और मड़ियाहूं की सीट अपने सहयोगी दलों को देने का मन बना चुकी है। विधानसभा चुनाव में भी शाहगंज को भासपा और मड़ियाहूं अपना दल (अनुप्रिया गुट) को दिया गया था। उसी तर्ज पर इस बार नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने सहयोगी दलों को सीटें देने का मन बनाया है।
शाहगंज से टिकट के लिए पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल अपने भाई प्रदीप की पत्नी गीता जायसवाल के लिए प्रतिष्ठा बना लिए थे। हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी श्रीष मोदनवाल भी अपनी माता राधा देवी के लिए भी जोर लगाए थे। ओमप्रकाश के लिए भाजपा के बड़े नेताओं ने सिफारिश की थी जबकि जिले के एक विधायक उन्हें टिकट नहीं देने के पक्ष में थे। विधानसभा चुनाव में भासपा की मदद नहीं करने का आरोप भी उन पर लगा था। ऐसे में भाजपा ने इस सीट को समझौते के तहत भारतीय समाज पार्टी को देने का मन बना लिया है। यह सीट पिछली जाति महिला के लिए आरक्षित है। इसी प्रकार मड़ियाहूं सीट भी समझौते में अपना दल को दी जा सकती है। यह सीट पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि दोनों सीटों को समझौते में देने का करीब-करीब निर्णय हो चुका है। उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं को यह भनक लगी तो उनमें नाराजगी पैदा हो गई है।
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शाहगंज से टिकट के लिए पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल अपने भाई प्रदीप की पत्नी गीता जायसवाल के लिए प्रतिष्ठा बना लिए थे। हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी श्रीष मोदनवाल भी अपनी माता राधा देवी के लिए भी जोर लगाए थे। ओमप्रकाश के लिए भाजपा के बड़े नेताओं ने सिफारिश की थी जबकि जिले के एक विधायक उन्हें टिकट नहीं देने के पक्ष में थे। विधानसभा चुनाव में भासपा की मदद नहीं करने का आरोप भी उन पर लगा था। ऐसे में भाजपा ने इस सीट को समझौते के तहत भारतीय समाज पार्टी को देने का मन बना लिया है। यह सीट पिछली जाति महिला के लिए आरक्षित है। इसी प्रकार मड़ियाहूं सीट भी समझौते में अपना दल को दी जा सकती है। यह सीट पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि दोनों सीटों को समझौते में देने का करीब-करीब निर्णय हो चुका है। उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं को यह भनक लगी तो उनमें नाराजगी पैदा हो गई है।
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