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धान खरीद के लिए बनाए गए है 100 क्रय केंद्र
Updated Sun, 22 Oct 2017 12:30 AM IST
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जौनपुर। किसानों से धान खरीदने के लिए जिले में कुल 100 केंद्र बनाए गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद की जाएगी। धान खरीद करने के लिए केंद्रों पर बोरा व धनराशि आदि की व्यवस्था की जा रही है। इस साल 80 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान का समर्थन मूल्य 1550 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी जो 28 फरवरी तक चलेगी। किसानों से धान खरीदने की तैयारी भी जिला प्रशासन लगभग पूरी कर ली गई है। किसान औने-पौन दाम पर आढ़तियों को धान नहीं बेचें, इसके लिए जिले में धान खरीद करने की जिम्मेदारी आठ एजेंसियों को दी गई है। इन एजेंसियों के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 100 धान क्रय केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 19, पीसीएफ के 64, यूपी एग्रो के तीन, एफसीआई के एक, केकेएन के दो, एनसीसीएफ के तीन, नेफड के दो और पंजीकृत समिति के छह केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटा, बोरा, तोड़ा सहित किसानों के खाते में धान खरीद का पैसा भेजने आदि की व्यवस्था की जा रही है।
धान खरीद शुरू होने में महज दस दिन शेष हैं लेकिन धान बेचने के लिए अभी तक मात्र 800 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। जिले में कुल छह लाख 50 हजार किसान हैं। बता दें कि सरकार ने धान विक्री के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का ही धान खरीदने का फरमान जारी किया है। धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना आवश्यक है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी, महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि धान खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटा, बोरा व तोड़ा आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिन किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, उन्हीं का ही धान खरीदा जाएगा।
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जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी जो 28 फरवरी तक चलेगी। किसानों से धान खरीदने की तैयारी भी जिला प्रशासन लगभग पूरी कर ली गई है। किसान औने-पौन दाम पर आढ़तियों को धान नहीं बेचें, इसके लिए जिले में धान खरीद करने की जिम्मेदारी आठ एजेंसियों को दी गई है। इन एजेंसियों के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 100 धान क्रय केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 19, पीसीएफ के 64, यूपी एग्रो के तीन, एफसीआई के एक, केकेएन के दो, एनसीसीएफ के तीन, नेफड के दो और पंजीकृत समिति के छह केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटा, बोरा, तोड़ा सहित किसानों के खाते में धान खरीद का पैसा भेजने आदि की व्यवस्था की जा रही है।
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धान खरीद शुरू होने में महज दस दिन शेष हैं लेकिन धान बेचने के लिए अभी तक मात्र 800 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। जिले में कुल छह लाख 50 हजार किसान हैं। बता दें कि सरकार ने धान विक्री के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का ही धान खरीदने का फरमान जारी किया है। धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना आवश्यक है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी, महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि धान खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटा, बोरा व तोड़ा आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिन किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, उन्हीं का ही धान खरीदा जाएगा।
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