एक्सईएन के आश्वासन पर माने बिजली संविदाकर्मी
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उरई (जालौन)। ईपीएफ व वेतन की मांगों को लेकर दो दिन से धरने पर बैठे बिजली संविदाकर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन समाप्त हो गई। एक्सईएन ने दो दिन में समस्याओं के समाधान होने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। हड़ताल जल्द खत्म होने से शहर में बिजली संकट गहराने से बच गया। हालांकि बुधवार की रात मौनी मंदिर गांधी नगर के बाशिंदे अंधेरे में ही रहे। चार वर्षों से बिजली संविदाकर्मी ईपीएफ की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वह कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं, पर अभी तक उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया जा सका है।
इन चार वर्षों के दौरान कई कंपनियों ने ठेका लिया, पर संविदाकर्मियों को ईपीएफ किसी ने भी नहीं दिया। संविदाकर्मियों का आरोप तो यह भी है कि विभागीय अधिकारी व ठेकेदार मिलकर उनके ईपीएफ का बंदरबांट कर रहे हैं। इसे लेकर बीते दो दिनों से संविदाकर्मी कालपी रोड स्थित 132 केबी बिजली घर पर धरने पर बैठे थे। गुरुवार को तीसरे दिन एक्सईएन रमेश चंद्रा धरनास्थल पर पहुंचे और उन्हाेंने दो दिन में कर्मचारियों की मांगें पूरी होने का आश्वासन दिया। इसके बाद संविदाकर्मियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी। हड़ताल खत्म हो जाने से बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ ही शहरियों को भी बड़ी राहत मिली है। अगर यह हड़ताल ज्यादा दिन तक चलती तो शहर में बिजली संकट गहरा सकता था। दो दिन में ही हड़ताल का आंशिक असर होना शुरू हो गया था। बुधवार की रात मौनी मंदिर के पास फाल्ट हो गया। संविदाकर्मियों के हड़ताल पर होने की वजह से रात के वक्त फाल्ट नहीं जोड़ा जा सका। इससे मोहल्ले के लोगों को रात भर अंधेरे में ही काटनी पड़ी। हड़ताल खत्म होने के दौरान संविदाकर्मी धर्मेंद्र सिंह, सनाउल्ला खान, रविकांत, सुंदर लाल, चंद्रशेखर, पवन सिंह, नरेश कुमार, मदार बख्श, गफ्फार, राजकिशोर आदि मौजूद रहे।