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गुजरात व महाराष्ट्र से लौटे मजदूर, किया क्वारंटीन

Mon, 27 Apr 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2020 11:18 PM IST
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Workers returned from Gujarat and Maharashtra, quarantined
कदौरा में गुजरात महाराष्ट्र से लौटे लोगों की जांच करती टीम - फोटो : ORAI
कदौरा। लॉकडाउन-2 के बाद भी जिले में बाहर से आने वाले मजदूरों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा है, जिसको देखते हुए प्रशासन ने भी सख्त रुख अपना मिला है। हाईवे में पैदल निकलने वाले मजदूरों को भी क्वारंटीन किया जा रहा है।
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रविवार रात गुजरात व महाराष्ट्र से लौटे 29 मजदूरों को नगर के स्व. गफूर खान महाविद्यालय में पंचायत ईओ सुनील कुमार सिंह की अगुवाई में क्वारंटीन किया गया। सोमवार को डॉ. रश्मि त्रिपाठी की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम ने किया और निर्देश दिए कि सेंटर से कोई भी मजदूर बाहर न जाए और न ही किसी से मिले। 14 दिन के बाद उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। आए हुए मजदूरों ने बताया कि वह लोग बहराइच, गोंडा, इलाहाबाद, श्रावस्ती के हैं, जो गुजरात व महाराष्ट्र में मजदूरी करते थे, लेकिन काम बंद हो जाने से वापस अपने घरों को जा रहे है।
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साधन न मिलने से वह यहां तक खाद्य वाहनों में बैठकर व पैदल चलकर पहुंचे है। डॉक्टर रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि आए हुए सभी लोग स्वस्थ हैं, जिनमें चार लोगों को रेंडम जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। नगर पंचायत ईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि खाने पीने की व्यवस्था नगर पंचायत की तरफ से की गई है, सभी को मास्क सैनिटाइजर दिए गए हैं और अलग से थाली चम्मच व गिलास दिया है। इस दौरान अजय सिंह, मनोज कुमार, जितेंद्र कुमार, इरफ ान, सलमान खान, रामबाबू सहित पुलिस कर्मी रामलखन नासिर खान आदि मौजूद रहे ।
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कभी वाहनों में बैठे तो कभी चले पैदल
महाराष्ट्र से लौटे राम सूचित यादव निवासी सिद्धार्थ नगर जनपद ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मुंबई की एक फैक्ट्री में बुनाई का काम करता था। लॉकडाउन के चलते फैक्ट्री बंद हो गई, खाने पीने की समस्या के कारण हम लोग पैदल ही अपने घरों को चल दिए, रास्ते में खाद्य वाहनों में भी बैठे, लेकिन अधिकतर पैदल ही रास्ता तय किया। बहुत मुश्किल से यहां तक पहुंचे हैं लेकिन यहां भी प्रशासन ने हम लोगों को रोक दिया।

गुजरात के अहमदाबाद में कुल्फी व आइसक्रीम बेचने वाले मो. उमर बताते है कि वह बहराइच के है, 20 मार्च को अपने गांव से करीब एक दर्जन लड़कों को कुल्फी आइसक्रीम के सीजन में ले गया था, लॉकडाउन के चलते सभी वहीं फंस गए। खाना पीना व मकान दुकान के किराए में ही सब पैसे खत्म हो गए तो अन्य जान पहचान वालों से पैसे मांगे, लेकिन जब किसी ने उधार देने से मना कर दिया तो मजबूरी में अपने घरों को लौटना पड़ा। पैसे न होने के कारण अधिकतर पैदल ही चले, लेकिन कहीं-कहीं पुलिस प्रशासन व अन्य लोगों ने मदद की और खाना खिलाया।
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