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Jalaun News: जब्त की गई जंगल से कटी लकड़ी, प्रधान को नोटिस
Mon, 30 Dec 2024 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 30 Dec 2024 12:04 AM IST
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उरई। वन विभाग द्वारा जंगल और ग्राम समाज की जमीन पर हो रहे अवैध कटान की शिकायत मिलने के बाद रेंज अधिकारी ने कई क्विंटल लकड़ी जब्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। डीएफओ ने प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
नियामतपुर रेंज क्षेत्र के पाल मडैया के जंगल और ग्राम समाज की भूमि पर कई दिनों से बबूल के पेड़ों की अवैध कटान की जा रही थी। दस से पंद्रह दिन के भीतर हजारों बबूल के पेड़ काट दिए गए। कटान की शिकायत रेंज स्तर पर लोगों ने की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यालय में की। डीएफओ प्रदीप कुमार ने रेंज अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान अवैध कटान होते हुए पाया गया।
रेंज अधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव ने जब्त की गई लकड़ी को ग्राम प्रधान के सुपुर्द किया। बताया कि मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला। कहा कि लकड़ी काटने की शिकायत आई थी, और उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं। यदि कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति अवैध कटान में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डीएफओ ने बताया कि ग्राम प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें पांच दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण देना होगा। यदि लकड़ी ग्राम समाज की जमीन से काटी गई है, तो प्रधान को इसका जवाब देना होगा। यदि यह किसी किसान द्वारा काटी गई है, तो इसके खिलाफ केस काटकर जुर्माना भी लगाया जाएगा। जांच में पता लगाया जा रहा है कि कितनी लकड़ी काटी गई है।
कटान की जानकारी नहीं होने का दावा
सर्दी के मौसम में लकड़ी की मांग बढ़ने के कारण जिले और सीमावर्ती जिलों में लकड़ी माफिया सक्रिय हो गए हैं। नियामतपुर क्षेत्र में कई दिनों से अवैध कटान चल रही थी और इसकी पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब ग्रामीणों ने 50 से अधिक कटान की तस्वीरों के साथ शिकायत की, जिसके बाद विभाग में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने रेंज स्तर पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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नियामतपुर रेंज क्षेत्र के पाल मडैया के जंगल और ग्राम समाज की भूमि पर कई दिनों से बबूल के पेड़ों की अवैध कटान की जा रही थी। दस से पंद्रह दिन के भीतर हजारों बबूल के पेड़ काट दिए गए। कटान की शिकायत रेंज स्तर पर लोगों ने की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यालय में की। डीएफओ प्रदीप कुमार ने रेंज अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान अवैध कटान होते हुए पाया गया।
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रेंज अधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव ने जब्त की गई लकड़ी को ग्राम प्रधान के सुपुर्द किया। बताया कि मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला। कहा कि लकड़ी काटने की शिकायत आई थी, और उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं। यदि कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति अवैध कटान में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डीएफओ ने बताया कि ग्राम प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें पांच दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण देना होगा। यदि लकड़ी ग्राम समाज की जमीन से काटी गई है, तो प्रधान को इसका जवाब देना होगा। यदि यह किसी किसान द्वारा काटी गई है, तो इसके खिलाफ केस काटकर जुर्माना भी लगाया जाएगा। जांच में पता लगाया जा रहा है कि कितनी लकड़ी काटी गई है।
कटान की जानकारी नहीं होने का दावा
सर्दी के मौसम में लकड़ी की मांग बढ़ने के कारण जिले और सीमावर्ती जिलों में लकड़ी माफिया सक्रिय हो गए हैं। नियामतपुर क्षेत्र में कई दिनों से अवैध कटान चल रही थी और इसकी पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब ग्रामीणों ने 50 से अधिक कटान की तस्वीरों के साथ शिकायत की, जिसके बाद विभाग में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने रेंज स्तर पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।