{"_id":"6aa30c7414258f98450efb76","slug":"five-cdpos-warned-over-negligence-in-nutrition-schemes-orai-news-c-224-1-ori1005-149504-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: पोषण योजनाओं में लापरवाही पर पांच सीडीपीओ को चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: पोषण योजनाओं में लापरवाही पर पांच सीडीपीओ को चेतावनी
विज्ञापन
उरई। कलक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेन्स विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम राजेश कुमार पांडेय ने संभव अभियान के तहत सैम बच्चों की स्क्रीनिंग और दवा वितरण की खराब प्रगति पर नाराजगी जताई। कोंच, कुठौंद, डकोर, माधौगढ़ और कदौरा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिन में अपेक्षित सुधार लाने को कहा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लक्ष्य के सापेक्ष सबसे खराब प्रगति वाले तीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए गए। वहीं अन्य सभी सीडीपीओ को चेतावनी जारी करने को कहा गया।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामुदायिक गतिविधियों और पोषण ट्रैकर पर फीडिंग की भी समीक्षा हुई। कुठौंद, महेवा, रामपुरा और कदौरा की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
डीएम ने सभी सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं को प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर दो बजे के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष कम से कम 85 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ गुणवत्तापूर्ण स्कूल पूर्व शिक्षा पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लक्ष्य के सापेक्ष सबसे खराब प्रगति वाले तीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए गए। वहीं अन्य सभी सीडीपीओ को चेतावनी जारी करने को कहा गया।
विज्ञापन
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामुदायिक गतिविधियों और पोषण ट्रैकर पर फीडिंग की भी समीक्षा हुई। कुठौंद, महेवा, रामपुरा और कदौरा की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
डीएम ने सभी सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं को प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर दो बजे के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष कम से कम 85 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ गुणवत्तापूर्ण स्कूल पूर्व शिक्षा पर भी जोर दिया।