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Jalaun News: कोंच-पिंडारी मार्ग पर जलभराव, गांधी और गोखले नगर में परेशानी
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कोंच। मलंगा नाले के ओवरफ्लो होने से कस्बे में हालात बिगड़ गए हैं। कोंच-पिंडारी मार्ग में जलभराव है। गांधी नगर और गोखले नगर के निवासियों के लिए यह पानी अब बड़ी मुसीबत बन चुका है। नाले का पानी कई क्षेत्रों में घुस चुका है।
उमेश कुशवाहा, धर्मेंद्र राठौर, सोमेश कुशवाहा, सूरज सिंह, मानसिंह वर्मा, जयपाल चौधरी, दीपू कुशवाहा, अजीत सिंह, राजू और कमलेश कुशवाहा ने पालिका और प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नाव या ट्रैक्टर सेवा शुरू कराई जाए।
दरिद्र नारायण सेवा समिति आश्रम से धनु तालाब तक का रास्ता जलभराव के कारण बंद हो गया। पानी भरने के कारण इलाके की बिजली सप्लाई भी काट दी गई है। जेई अमन पांडे का कहना है कि लोगों के जलभराव में आने-जाने की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से शाम तक के लिए बंद की गई है।
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कोंच-पिंडारी मार्ग पर जलभराव के साथ-साथ बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। सड़क पर बहते पानी में लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कांशीराम कॉलोनी पूरी तरह पानी से घिर चुकी है। उरई रोड स्थित सीएचसी और मुंसिफ कोर्ट तक मलंगा नाले का पानी पहुंच गया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी पानी घुसने लगा है। इस पर एसडीएम ज्योति सिंह ने सीएचसी का निरीक्षण किया और मरीजों की सुविधा के लिए दूसरा गेट खुलवाया, ताकि आवागमन सुचारु हो सके।
गांवों का संपर्क कटा, स्कूल में भरा पानी, कच्चे मकान धराशायी
आटा। सोमवार को दिनभर हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। भदरेखी गांव के पास से गुजरने वाली नून नदी का रपटा कमर तक पानी बह रहा है। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
भदरेखी गांव के बाहर से निकली नून नदी के रपटे पर रेलिंग नहीं होने से खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कमर तक पानी में चलकर खेतों से चारा ला रहे हैं। नून नदी का यह रपटा हैदलपुर, सधारा, परा, नसीरपुर, नूरपुर, खल्ला, खांखरी, अटरिया, चुर्खी जैसे गांवों को आटा थाना और हाईवे से जोड़ता है।
अब यह गांव बाकी क्षेत्र से पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। आटा थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने रपटा पर बबूल के पेड़ डलवाकर वहां से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। दूसरी ओर, आटा-संदी मार्ग भी बारिश के पानी में डूब गया है। उधर, आटा के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में घुटनों तक पानी भर गया। पानी स्कूल के कमरों तक पहुंच गया है। इससे पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।
आटा निवासी परमलाल कुशवाहा का कच्चा मकान ढह गया। बताया कि उन्होंने कई बार पीएम आवास योजना के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला। वहीं दूसरी तरफ, आटा के ही शंकर श्रीवास के पशु बाड़े की कच्ची दीवार भी ढह गई।
मलंगा नाले का पुल डूबा, सिरसा कलार से संपर्क टूटा
सिरसा कलार। क्षेत्र के हथना खुर्द गांव में मलंगा नाले पर बना रपटा पुल पूरी तरह पानी में डूब चुका है। सोमवार की रात में जलस्तर बढ़ने से मंगलवार सुबह नाले के ऊपर से पानी बहने लगा। इससे सिरसा कलार कस्बे से संपर्क पूरी तरह कट गया है। मलंगा नाले के रास्ते 25 गांवों के लोग सिरसा कलार खरीदारी और जरूरी कार्यों के लिए आते हैं। यह रपटा पुल सिरसा कलार से मात्र चार किलोमीटर दूर है। स्थानीय निवासी सतेंद्र सिंह, नारायण सिंह, केहरी सिंह, साहब सिंह आदि ने बताया कि सिरसा कलार तक आने के लिए अब बाबई होते हुए दमरास से होकर 25 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मलंगा नाला के जलस्तर से हथना खुर्द, हथना बुजुर्ग, नगरी, नगरा, ऊद, गधेला, गणगवां, बिरहरा, सदुपुरा आदि गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
पिरौना में मकान ढहा, कैंसर पीड़िता बेघर
एट। क्षेत्र के पिरौना गांव में बारिश के कारण नारायण दास रजक का खपरैल मकान ढह गया, जिससे पूरा परिवार बेघर हो गया है। पीड़ित नारायण दास ने बताया कि उनकी पत्नी अवदा पहले से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। लेखपाल ने बताया कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण कई स्थानों पर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। वह अलग-अलग जगहों पर जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। जल्द पीड़ित के घर पहुंचकर सर्वे किया जाएगा। (संवाद)
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उमेश कुशवाहा, धर्मेंद्र राठौर, सोमेश कुशवाहा, सूरज सिंह, मानसिंह वर्मा, जयपाल चौधरी, दीपू कुशवाहा, अजीत सिंह, राजू और कमलेश कुशवाहा ने पालिका और प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नाव या ट्रैक्टर सेवा शुरू कराई जाए।
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दरिद्र नारायण सेवा समिति आश्रम से धनु तालाब तक का रास्ता जलभराव के कारण बंद हो गया। पानी भरने के कारण इलाके की बिजली सप्लाई भी काट दी गई है। जेई अमन पांडे का कहना है कि लोगों के जलभराव में आने-जाने की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से शाम तक के लिए बंद की गई है।
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कोंच-पिंडारी मार्ग पर जलभराव के साथ-साथ बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। सड़क पर बहते पानी में लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कांशीराम कॉलोनी पूरी तरह पानी से घिर चुकी है। उरई रोड स्थित सीएचसी और मुंसिफ कोर्ट तक मलंगा नाले का पानी पहुंच गया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी पानी घुसने लगा है। इस पर एसडीएम ज्योति सिंह ने सीएचसी का निरीक्षण किया और मरीजों की सुविधा के लिए दूसरा गेट खुलवाया, ताकि आवागमन सुचारु हो सके।
गांवों का संपर्क कटा, स्कूल में भरा पानी, कच्चे मकान धराशायी
आटा। सोमवार को दिनभर हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। भदरेखी गांव के पास से गुजरने वाली नून नदी का रपटा कमर तक पानी बह रहा है। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
भदरेखी गांव के बाहर से निकली नून नदी के रपटे पर रेलिंग नहीं होने से खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कमर तक पानी में चलकर खेतों से चारा ला रहे हैं। नून नदी का यह रपटा हैदलपुर, सधारा, परा, नसीरपुर, नूरपुर, खल्ला, खांखरी, अटरिया, चुर्खी जैसे गांवों को आटा थाना और हाईवे से जोड़ता है।
अब यह गांव बाकी क्षेत्र से पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। आटा थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने रपटा पर बबूल के पेड़ डलवाकर वहां से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। दूसरी ओर, आटा-संदी मार्ग भी बारिश के पानी में डूब गया है। उधर, आटा के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में घुटनों तक पानी भर गया। पानी स्कूल के कमरों तक पहुंच गया है। इससे पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।
आटा निवासी परमलाल कुशवाहा का कच्चा मकान ढह गया। बताया कि उन्होंने कई बार पीएम आवास योजना के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला। वहीं दूसरी तरफ, आटा के ही शंकर श्रीवास के पशु बाड़े की कच्ची दीवार भी ढह गई।
मलंगा नाले का पुल डूबा, सिरसा कलार से संपर्क टूटा
सिरसा कलार। क्षेत्र के हथना खुर्द गांव में मलंगा नाले पर बना रपटा पुल पूरी तरह पानी में डूब चुका है। सोमवार की रात में जलस्तर बढ़ने से मंगलवार सुबह नाले के ऊपर से पानी बहने लगा। इससे सिरसा कलार कस्बे से संपर्क पूरी तरह कट गया है। मलंगा नाले के रास्ते 25 गांवों के लोग सिरसा कलार खरीदारी और जरूरी कार्यों के लिए आते हैं। यह रपटा पुल सिरसा कलार से मात्र चार किलोमीटर दूर है। स्थानीय निवासी सतेंद्र सिंह, नारायण सिंह, केहरी सिंह, साहब सिंह आदि ने बताया कि सिरसा कलार तक आने के लिए अब बाबई होते हुए दमरास से होकर 25 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मलंगा नाला के जलस्तर से हथना खुर्द, हथना बुजुर्ग, नगरी, नगरा, ऊद, गधेला, गणगवां, बिरहरा, सदुपुरा आदि गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
पिरौना में मकान ढहा, कैंसर पीड़िता बेघर
एट। क्षेत्र के पिरौना गांव में बारिश के कारण नारायण दास रजक का खपरैल मकान ढह गया, जिससे पूरा परिवार बेघर हो गया है। पीड़ित नारायण दास ने बताया कि उनकी पत्नी अवदा पहले से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। लेखपाल ने बताया कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण कई स्थानों पर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। वह अलग-अलग जगहों पर जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। जल्द पीड़ित के घर पहुंचकर सर्वे किया जाएगा। (संवाद)