{"_id":"573b55eb4f1c1be36dac6f6c","slug":"water-tanker-entered-the-car-including-the-driver-four-killed","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी के टैंकर में घुसी कार, चालक समेत चार की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी के टैंकर में घुसी कार, चालक समेत चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 17 May 2016 11:03 PM IST
विज्ञापन
हाईवे पर गैस किटर से टैंकर में फंसी स्विफ्ट डिजार कार के टुकड़ों को हटाते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चालक की लापरवाही से बेकाबू हुई तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार पौधों की सिंचाई कर रहे टैंकर में पीछे से जा घुसी। इससे चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज, झांसी रेफर किया गया है। यह हादसा मंगलवार सुबह उरई-कालपी हाईवे पर छौंक गांव के पास हुआ। उरई के राजेंद्र नगर
का जगत सिंह कुशवाहा (30) तुलसीनगर के संतोष बघेल की कार का चालक था। वह मालिक से कार मांगकर मंगलवार सुबह 10 बजे किसी काम से कानपुर जा रहा था। उसने आटा कस्बे से कालपी जा रहे देवी शंकर (13) पुत्र शिव प्रसाद जोल्हूपुर, कालपी, लालाराम (60) आटा, महेंद्र (31) पुत्र रामशंकर आटा, वीर सिंह (60) आटा, बुधई (55), आटा को सवारी के
रूप में बैठा लिया। जगत सिंह तेज रफ्तार से कार चला रहा था। यात्रियों ने उसे मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना। उरई-कालपी हाईवे पर छौंक गांव के पास तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर टैंकर में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार तहस-नहस हो गई। कार में बैठे लोगों में चीखपुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घायलों को कार से बाहर निकाल कर
विज्ञापन
कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। कोतवाल सतेंद्र सिंह और सीओ मनोज गुप्त मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक कार चालक जगत सिंह कुशवाहा, देवी शंकर और लालाराम की
मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल महेंद्र को जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे में घायल हुए वीर सिंह और बुधई को प्राथमिक इलाज के बाद डाक्टराें ने मेडिकल कालेज, झांसी रेफर कर दिया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन
का जगत सिंह कुशवाहा (30) तुलसीनगर के संतोष बघेल की कार का चालक था। वह मालिक से कार मांगकर मंगलवार सुबह 10 बजे किसी काम से कानपुर जा रहा था। उसने आटा कस्बे से कालपी जा रहे देवी शंकर (13) पुत्र शिव प्रसाद जोल्हूपुर, कालपी, लालाराम (60) आटा, महेंद्र (31) पुत्र रामशंकर आटा, वीर सिंह (60) आटा, बुधई (55), आटा को सवारी के
विज्ञापन
रूप में बैठा लिया। जगत सिंह तेज रफ्तार से कार चला रहा था। यात्रियों ने उसे मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना। उरई-कालपी हाईवे पर छौंक गांव के पास तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर टैंकर में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार तहस-नहस हो गई। कार में बैठे लोगों में चीखपुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घायलों को कार से बाहर निकाल कर
विज्ञापन
कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। कोतवाल सतेंद्र सिंह और सीओ मनोज गुप्त मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक कार चालक जगत सिंह कुशवाहा, देवी शंकर और लालाराम की
मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल महेंद्र को जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे में घायल हुए वीर सिंह और बुधई को प्राथमिक इलाज के बाद डाक्टराें ने मेडिकल कालेज, झांसी रेफर कर दिया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।