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केंद्र सरकार की नई स्टॉक लिमिट नीति के विरोध में बंद रहा गल्ला कारोबार

Tue, 06 Jul 2021 10:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:33 PM IST
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उरई/कोंच। केंद्र सरकार द्वारा घोषित स्टॉक लिमिट की नई नीति के विरोध में मंगलवार को जिले भर की की गल्ला मंडियां बंद रही और व्यापारियों ने कामकाज नहीं किया। बुंदेलखंड गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी ने दावा किया कि जिले के करीब एक हजार गल्ला व्यापारी आंदोलन में शामिल रहे। हड़ताल से करीब पचास करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। जबकि व्यापारी सरकारी खजाना भरने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस दौरान महावीर गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, उदय सिंह, रवींद्र सिंह, अरविंद चिकासी, लल्लू आदि रहे।
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मंगलवार को कोंच गल्ला मंडी में व्यापारियों ने केंद्र सरकार के उस एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट जिसके तहत दलहनों पर स्टॉक लिमिट लगाई गई है और जो 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी के विरोध स्वरूप व्यवसायिक कामकाज बंद रखा। बैठक करके सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। इस एक्ट के तहत मूंग को छोड़ अन्य दलहनों पर स्टॉक लिमिट लगाई गई है। जिसके मुताबिक थोक विक्रेता अधिकतम 200 मीट्रिक टन (किसी भी दाल दलहन का अधिकतम 100 मीट्रिक टन) का स्टॉक कर सकेंगे तथा रिटेलर अधिकतम 5 मीट्रिक टन। इसके साथ यह भी शर्त जोड़ी गई है कि उपभोक्ता मंत्रालय को इस स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से देनी होगी। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत ने इस नए एक्ट को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। इस दौरान अध्यक्ष अजय रावत, विनोद दुबे, अजय गोयल, राममोहन रिछारिया, ध्रुव प्रताप सिंह, राजीव पटेल, नवनीत गुप्ता, हरीश तिवारी सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।
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