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नल पहुंचा न जल, बरसात में सड़कें होंगी दलदल
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कदौरा। गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर जल पहुंचाने की मुहिम के तहत गांव-गांव पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदा गया। ये सड़कें अब लोगों के लिए मुसीबत बन गईं हैं। घरों तक न तो नल पहुंचा और न ही लोगों को जल मिला, लेकिन ये खुदी पड़ीं सड़कें बरसात में लबालब होंगी। तब लोगों को इनसे निकलना मुश्किल हो जाएगा। इन खुदी हुई सड़कों को लेकर पीडब्ल्यूडी ने भी नाराजगी जताई है।
ठेकेदार ने पाइप लाइन डलवाने के बाद सड़क को ऐसे ही छोड़ दिया है। अक्सर इन खोदी सड़क पर ग्रामीण गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। कदौरा ब्लाक के रैला, इकौना, हरचन्द्रपुर, निस्बापुर, परौसा, बागी, उदनपुर, बरही समेत 20 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप लाइन डाली गई है। कार्यदायी संस्था के ठेकेदार पाइप लाइन डालकर सड़क को बिना भरे ही गायब हैं। बरही प्रधान राकेश साहू, परौसा के श्रीराम कुशवाहा, उदनपुर के महेंद्र सिंह, इकौना के बृजनंदन तिवारी का कहना हैं कि सड़कों की दशा न सुधारने से बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में समस्या हो रही है। बीडीओ बृजकिशोर कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। जल्द सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा।
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फोटो संख्या-06- महेबा ब्लाक के बड़ी मड़ैया गांव में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क। संवाद
पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा पक्का रास्ता
सिरसा कलार। नमामि गंगे योजना के तहत गांवों में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए रास्ते तीन माह बाद भी उखड़े पड़े हैं। इन उखड़े रास्तों से अभी से ही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महेवा ब्लाक के अकबरपुर, छोटी मड़ैया, बड़ी मड़ैया के प्रधान गोपाल यादव ने बताया कि उनके गांवों में गली-गली पक्के रास्तों को खोदकर पाइप लाइन बिछाकर छोड़ दिया है। दो महीने के अंदर रास्ता बनाने की बात कही गई थी, लेकिन तीन माह बीत चुके है पर सड़क जस की तस है।
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करहैया प्रधान पवन यादव का कहना है कि गांव में भी पाइप लाइन रास्ता खोदकर पाइप लाइन बिछाई गई पर रास्तों को पक्का नहीं किया गया। इस कारण समस्या हो रही है। जखा प्रधान रविंद्र कुमार का कहना है कि आधे गांव में रास्ते खोदकर पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जहां पर खोदा गया वहां बनाया नहीं है। नमामि गंगे के अवर अभियंता संजय कुमार का कहना है कि जिन गांवों में पाइप लाइन बिछ गई वहां लाइन टेस्टिंग का काम शेष है। टेस्टिंग के बाद ही रास्ते बनाये जाएंगे।
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ठेकेदार ने पाइप लाइन डलवाने के बाद सड़क को ऐसे ही छोड़ दिया है। अक्सर इन खोदी सड़क पर ग्रामीण गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। कदौरा ब्लाक के रैला, इकौना, हरचन्द्रपुर, निस्बापुर, परौसा, बागी, उदनपुर, बरही समेत 20 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप लाइन डाली गई है। कार्यदायी संस्था के ठेकेदार पाइप लाइन डालकर सड़क को बिना भरे ही गायब हैं। बरही प्रधान राकेश साहू, परौसा के श्रीराम कुशवाहा, उदनपुर के महेंद्र सिंह, इकौना के बृजनंदन तिवारी का कहना हैं कि सड़कों की दशा न सुधारने से बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में समस्या हो रही है। बीडीओ बृजकिशोर कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। जल्द सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा।
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फोटो संख्या-06- महेबा ब्लाक के बड़ी मड़ैया गांव में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क। संवाद
पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा पक्का रास्ता
सिरसा कलार। नमामि गंगे योजना के तहत गांवों में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए रास्ते तीन माह बाद भी उखड़े पड़े हैं। इन उखड़े रास्तों से अभी से ही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महेवा ब्लाक के अकबरपुर, छोटी मड़ैया, बड़ी मड़ैया के प्रधान गोपाल यादव ने बताया कि उनके गांवों में गली-गली पक्के रास्तों को खोदकर पाइप लाइन बिछाकर छोड़ दिया है। दो महीने के अंदर रास्ता बनाने की बात कही गई थी, लेकिन तीन माह बीत चुके है पर सड़क जस की तस है।
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करहैया प्रधान पवन यादव का कहना है कि गांव में भी पाइप लाइन रास्ता खोदकर पाइप लाइन बिछाई गई पर रास्तों को पक्का नहीं किया गया। इस कारण समस्या हो रही है। जखा प्रधान रविंद्र कुमार का कहना है कि आधे गांव में रास्ते खोदकर पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जहां पर खोदा गया वहां बनाया नहीं है। नमामि गंगे के अवर अभियंता संजय कुमार का कहना है कि जिन गांवों में पाइप लाइन बिछ गई वहां लाइन टेस्टिंग का काम शेष है। टेस्टिंग के बाद ही रास्ते बनाये जाएंगे।