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ोली लगने से घायल वृद्ध की उपचार के दौरान मौत
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उरई। पेट में गोली लगने से घायल वृद्ध की उपचार के दौरान झांसी मेडिकल कालेज में शुक्रवार की देर रात मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्मार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वृद्ध की मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कृष्णा नगर निवासी पवन कुमार (55) को बंटवारे को लेकर छोटे भाई राकेश से विवाद हो गया था। दो जनवरी को राकेश ने लाइसेंसी दोनाली बंदूक से पवन को गोली मार दी थी। गोली पेट में लगने से वह गंभीर रुप से घायल हो गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया था। जहां गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया था। जैसे ही उसके मौत की खबर घर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया।
पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राकेश को बंदूक समेत 3 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों ने बताया कि पवन के पिता प्रशासनिक अधिकारी थे। उनकी पहले ही निधन हो चुका था। घर व जमीन के बंटवारे को लेकर दोनो भाइयों में अक्सर झगड़ा होता था। दोनों भाई मां को मिलने वाली पेंशन और खेती से खर्चा चलाते थे। पवन की मौत से पत्नी सुनीता, बेटी प्रियंका, स्वीटी, पुत्र कल्लू, गौरव मां प्रेमादेवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी लखनऊ में बीटेक की पढ़ाई कर रही है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कृष्णा नगर निवासी पवन कुमार (55) को बंटवारे को लेकर छोटे भाई राकेश से विवाद हो गया था। दो जनवरी को राकेश ने लाइसेंसी दोनाली बंदूक से पवन को गोली मार दी थी। गोली पेट में लगने से वह गंभीर रुप से घायल हो गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया था। जहां गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया था। जैसे ही उसके मौत की खबर घर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया।
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पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राकेश को बंदूक समेत 3 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों ने बताया कि पवन के पिता प्रशासनिक अधिकारी थे। उनकी पहले ही निधन हो चुका था। घर व जमीन के बंटवारे को लेकर दोनो भाइयों में अक्सर झगड़ा होता था। दोनों भाई मां को मिलने वाली पेंशन और खेती से खर्चा चलाते थे। पवन की मौत से पत्नी सुनीता, बेटी प्रियंका, स्वीटी, पुत्र कल्लू, गौरव मां प्रेमादेवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी लखनऊ में बीटेक की पढ़ाई कर रही है।
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