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जब तक बिल वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं-राजवीर
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कोंच। सरकार औद्योगिक घरानों के साथ किसान विरोधी संधि कर चुकी है। लेकिन किसान सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे, सरकार को किसानों की मांगें माननी ही होंगी। यह बात शुक्रवार को इलाके के भ्रमण पर निकले भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कही। उन्होंने नए कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि ये कानून किसानों की बर्बादी के कानून हैं। दिल्ली बॉर्डर पर पिछले आठ महीनों से डटे किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक बिल वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं।
कुंवरपुरा गांव में किसान पंचायत से लौटते वक्त नदीगांव रोड पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि किसान की लड़ाई हर भारतवासी की लड़ाई है, जो किसान के खेत में उपजे अन्न की रोटी खाता है। किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि भाकियू चुनाव नहीं लडने जा रही है। आंदोलन पूरी मजबूती के साथ तब तक जारी रहेगा जब तक तीनों काले कृषि कानून वापस नहीं हो जाते हैं और एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता है। यह आंदोलन किसान की नसल और फसल बचाने की लड़ाई है और किसान अपनी मांगें मनवाए बिना पीछे नहीं हटने वाला है। इस दौरान डॉ केदारनाथ, बृजेश राजपूत, डॉ द्विजेंद्र सिंह, दिनेश प्रताप, रामकुमार पटेल, भगवानदास, महेंद्र भाटिया, चंद्रमोहन, चतुरसिंह, डॉ पीडी निरंजन, श्यामसुंदर आदि मौजूद रहे।
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कुंवरपुरा गांव में किसान पंचायत से लौटते वक्त नदीगांव रोड पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि किसान की लड़ाई हर भारतवासी की लड़ाई है, जो किसान के खेत में उपजे अन्न की रोटी खाता है। किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि भाकियू चुनाव नहीं लडने जा रही है। आंदोलन पूरी मजबूती के साथ तब तक जारी रहेगा जब तक तीनों काले कृषि कानून वापस नहीं हो जाते हैं और एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता है। यह आंदोलन किसान की नसल और फसल बचाने की लड़ाई है और किसान अपनी मांगें मनवाए बिना पीछे नहीं हटने वाला है। इस दौरान डॉ केदारनाथ, बृजेश राजपूत, डॉ द्विजेंद्र सिंह, दिनेश प्रताप, रामकुमार पटेल, भगवानदास, महेंद्र भाटिया, चंद्रमोहन, चतुरसिंह, डॉ पीडी निरंजन, श्यामसुंदर आदि मौजूद रहे।
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