{"_id":"5d8fabc38ebc3e93c1260a73","slug":"two-people-imprisoned-for-five-years-under-the-gangster-act-orai-news-knp5165219157","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगेस्टर एक्ट में दो को पांच पांच साल की कैद, पांच पांच हजार अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगेस्टर एक्ट में दो को पांच पांच साल की कैद, पांच पांच हजार अर्थदंड
विज्ञापन
उरई। गिरोह बनाकर समाज में दहशत फैलाने का आरोप साबित होने पर विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट निशा सिंह ने दो लोगों को पांच पांच साल के कारावास और पांच पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता ह्देश पांडेय ने बताया कि जालौन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार राठौर ने गुलमदार उर्फ बबलू पुत्र शेर खा व छोटे पुत्र तेजसिंह जाटव निवासी रहीमनगर थाना रसूलावाद जिला कानपुर देहात के खिलाफ 30 सितंबर 2014 को गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। पुलिस के मुताबिक, गुलमदार गैंग लीडर है और उस पर पत्नी की हत्या करने का आरोप है। छोटे सिंह गुलमदार का साथी और गैंग का सदस्य है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों अपने साथियों के साथ समाज में भय व आतंक के बल पर धन अर्जित करते थे। अधिवक्ता ने बताया कि गुलमदार पर लूट व हत्या के मामले दर्ज है। इसमें वह जेल में है। शनिवार को विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट निशा सिंह ने गुलमदार व उसके साथी छोटे सिंह पर आरोप साबित होने पर पांच साल की कैद व पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता ह्देश पांडेय ने बताया कि जालौन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार राठौर ने गुलमदार उर्फ बबलू पुत्र शेर खा व छोटे पुत्र तेजसिंह जाटव निवासी रहीमनगर थाना रसूलावाद जिला कानपुर देहात के खिलाफ 30 सितंबर 2014 को गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। पुलिस के मुताबिक, गुलमदार गैंग लीडर है और उस पर पत्नी की हत्या करने का आरोप है। छोटे सिंह गुलमदार का साथी और गैंग का सदस्य है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, दोनों अपने साथियों के साथ समाज में भय व आतंक के बल पर धन अर्जित करते थे। अधिवक्ता ने बताया कि गुलमदार पर लूट व हत्या के मामले दर्ज है। इसमें वह जेल में है। शनिवार को विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट निशा सिंह ने गुलमदार व उसके साथी छोटे सिंह पर आरोप साबित होने पर पांच साल की कैद व पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन