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ट्यूबवेल की मोटर फुंकी तो हुए गुस्सा
Sat, 25 May 2019 11:43 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 25 May 2019 11:43 PM IST
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सबमर्सिबल से पानी भरती महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
बता दें कि गांव की करीब दस हजार आबादी के बीच लगे 56 हैंडपंपों में आधे तो बंद पड़े हैं और बाकी के भी अधिकांश हैंडपंपों से खारा पानी आ रहा है। जिसका प्रयोग पीने के लिए नहीं किया जा सकता है। लिहाजा पानी के लिए पाइप लाइन ही एकमात्र सहारा है। उस पर ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से पानी का संकट और गहरा गया है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे हाथों में बाल्टी उठाकर पानी की तलाश में निकल पड़ते हैं। जिस हैंडपंप में सही पानी मिल रहा होता है, उसी के सामने भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। शाम के वक्त कुछ लोग जरूर अपने सबमर्सिबल से मोहल्ले को लोगों पानी सप्लाई कर रहे हैं। जिनसे ही काम चलाया जा रहा है।
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गांव के रामसिंह राजपूत, शशि सिंह, शाकिर हुसैन, शमशाद हुसैन आदि का कहना है कि ग्राम प्रधान से कई बार कहा गया है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भूप सिंह, न्यामत उल्ला, आदिल खां आदि के मुताबिक पानी ने परेशान कर रखा है। दूरदराज से कभी ट्रैक्टर से तो कभी रिक्शे से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पानी भी अब बहुत सोच समझ कर खर्च करते हैं, पता नहीं कल कितना मिले या न मिले। गुस्साए लोगों ने जलसंस्थान के खिलाफ टंकी पर खड़े होकर नारेबाजी कर कहा कि यदि जल्द हालात न सुधरे तो मजबूरन हाईवे पर जाकर प्रदर्शन करना पड़ेगा। डकोर ब्लाक के बीडीओ सुदामा शरण ने बताया कि जलसंस्थान ने जो स्टीमेट मोटर के लिए भेजा, उसका चेक बनाकर भी जल संस्थान के अधिकारियों को दे दिया गया है। एक दो दिन में ही मोटर ठीक कराकर सप्लाई सामान्य की जाएगी।
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