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Jalaun News: लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अभी सात महीने रहेंगे जाम के हालात
Mon, 20 May 2024 01:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 20 May 2024 01:42 AM IST
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का काम दिसंबर तक पूरा होगा। इस दौरान भारी वाहनों के सीधे लखनऊ जाने पर लगी रोक भी जारी रहेगी। यानी सात महीने तक जाम के हालात बने रहेंगे।
लखनऊ और कानपुर के बीच कुल 61 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। एक्सप्रेसवे का लखनऊ की तरफ का 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है और उन्नाव से कानपुर के बीच का 45 किलोमीटर हिस्सा ग्रीन फील्ड है। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर ही पिलर बनाकर इसे ऊपर से निकाला जा रहा है और नीचे से पुराना हाईवे भी बना रहेगा। लखनऊ के शहीद पथ से उन्नाव जिले की सीमा में बनी तक एक्सप्रेसवे के लिए पिलर बनाने का काम सितंबर-2023 में शुरू हुआ था। इससे लखनऊ से उन्नाव तक हाईवे पर रोजाना 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लगता था। जाम से निपटने के लिए अक्तूबर 2023 में भारी वाहनों को सीधे लखनऊ जाने से रोक दिया गया।
निर्माण एजेंसी पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप सिंह ने बताया कि पुराने हाईवे (एनएच 27) पर बीच में पिलर और उन पर गार्डर चढ़ाने के लिए दोनों तरफ क्रेन लगी होने से रास्ता संकरा हो गया है। भारी वाहनों के निकलने से अक्सर जाम लगता था। इसी वजह से भारी वाहनों के सीधे लखनऊ आने पर रोक लगाई गई है। बताया कि एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से का काम तेजी से कराया जा रहा है।
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पुरवा मोड़ पर सबसे ज्यादा परेशानी
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर पुरवा मोड़ से भारी वाहन उन्नाव-मोहनलालगंज मार्ग पर मुड़ते समय लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों का आवागमन रुक जाता है। हालांकि यहां यातायात संचालन के लिए पुलिस और यातायात कर्मी लगाए गए हैं। लेकिन इसके बाद भी रोजाना घंटों जाम लगता है।
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सर्विस रोड पर पार्किंग से छोटे वाहन सवार परेशान
हाईवे पर दही चौकी तिराहे पर जाम से चार पहिया वाहन और बसें भी घंटों फंसी रहती हैं। इससे निपटने के लिए डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर एनएचएआई ने केंद्रीय विद्यालय के सामने पुल के दोनों तरफ सर्विस रोड बनाई गई है। लेकिन थाना पुलिस की हीलाहवाली से इस सर्विस रोड पर चालक भारी वाहन खड़े कर देते हैं, इससे छोटे वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जब तक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक डायवर्जन लागू रहेगा। कानपुर की तरफ से काफी संख्या में भारी वाहन आने से पुरवा मोड़ और गदनखेड़ा चौराहे पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है और जाम लगता है। प्रयास किया जाएगा कि जल्द से जल्द डायवर्जन खत्म हो।
- सिद्धार्थ शंकर मीना, एसपी
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एलिवेटेड हिस्से का पूरा काम दिसंबर 2024 तक खत्म होगा। हालांकि इस दौरान जैसे-जैसे संभावनाएं बनेंगी चरणबद्ध तरीके से एनएच-27 को खाली किया जाता रहेगा और यातायात के लिए खोला जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जाएगा कि एक-दो महीने में कुछ निर्धारित समय के लिए डायवर्जन खत्म किया जाए।
- दिलीप सिंंह, प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी
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एक अक्तूबर-2023 से लागू है डायवर्जन प्लान
- झांसी व दिल्ली रूट से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर देहात के भोगनीपुर से घाटमपुर की तरफ डायवर्ट कर, चौडगरा, रायबरेली, बछरावां होते हुए मोहनलालगंज से लखनऊ भेज जा रहा है।
- हमीरपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर नगर के घाटमपुर से चौडगरा, रायबरेली, मोहनलालगंज होते हुए लखनऊ भेजा जा रहा है।
- झांसी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर के रामादेवी चौराहे से चौडगरा की तरफ डायवर्ट करते हुए मोहनलालगंज रूट से लखनऊ भेजने का रूट तय हुआ था।
- कानपुर से उन्नाव की ओर आने वाले भारी वाहनों को दही चौकी से पुरवा मार्ग पर डायवर्ट किया जा रहा है। ये वाहन पुरवा, मौरावां, गुरुबक्शगंज, बछरावां और मोहनलालगंज होते हुए लखनऊ जा रहे हैं।
- दिल्ली और आगरा की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से लखनऊ भेजने का प्लान तय किया गया था।
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लखनऊ और कानपुर के बीच कुल 61 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। एक्सप्रेसवे का लखनऊ की तरफ का 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है और उन्नाव से कानपुर के बीच का 45 किलोमीटर हिस्सा ग्रीन फील्ड है। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर ही पिलर बनाकर इसे ऊपर से निकाला जा रहा है और नीचे से पुराना हाईवे भी बना रहेगा। लखनऊ के शहीद पथ से उन्नाव जिले की सीमा में बनी तक एक्सप्रेसवे के लिए पिलर बनाने का काम सितंबर-2023 में शुरू हुआ था। इससे लखनऊ से उन्नाव तक हाईवे पर रोजाना 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लगता था। जाम से निपटने के लिए अक्तूबर 2023 में भारी वाहनों को सीधे लखनऊ जाने से रोक दिया गया।
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निर्माण एजेंसी पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप सिंह ने बताया कि पुराने हाईवे (एनएच 27) पर बीच में पिलर और उन पर गार्डर चढ़ाने के लिए दोनों तरफ क्रेन लगी होने से रास्ता संकरा हो गया है। भारी वाहनों के निकलने से अक्सर जाम लगता था। इसी वजह से भारी वाहनों के सीधे लखनऊ आने पर रोक लगाई गई है। बताया कि एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से का काम तेजी से कराया जा रहा है।
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पुरवा मोड़ पर सबसे ज्यादा परेशानी
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर पुरवा मोड़ से भारी वाहन उन्नाव-मोहनलालगंज मार्ग पर मुड़ते समय लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों का आवागमन रुक जाता है। हालांकि यहां यातायात संचालन के लिए पुलिस और यातायात कर्मी लगाए गए हैं। लेकिन इसके बाद भी रोजाना घंटों जाम लगता है।
सर्विस रोड पर पार्किंग से छोटे वाहन सवार परेशान
हाईवे पर दही चौकी तिराहे पर जाम से चार पहिया वाहन और बसें भी घंटों फंसी रहती हैं। इससे निपटने के लिए डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर एनएचएआई ने केंद्रीय विद्यालय के सामने पुल के दोनों तरफ सर्विस रोड बनाई गई है। लेकिन थाना पुलिस की हीलाहवाली से इस सर्विस रोड पर चालक भारी वाहन खड़े कर देते हैं, इससे छोटे वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
जब तक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक डायवर्जन लागू रहेगा। कानपुर की तरफ से काफी संख्या में भारी वाहन आने से पुरवा मोड़ और गदनखेड़ा चौराहे पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है और जाम लगता है। प्रयास किया जाएगा कि जल्द से जल्द डायवर्जन खत्म हो।
- सिद्धार्थ शंकर मीना, एसपी
एलिवेटेड हिस्से का पूरा काम दिसंबर 2024 तक खत्म होगा। हालांकि इस दौरान जैसे-जैसे संभावनाएं बनेंगी चरणबद्ध तरीके से एनएच-27 को खाली किया जाता रहेगा और यातायात के लिए खोला जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जाएगा कि एक-दो महीने में कुछ निर्धारित समय के लिए डायवर्जन खत्म किया जाए।
- दिलीप सिंंह, प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी
एक अक्तूबर-2023 से लागू है डायवर्जन प्लान
- झांसी व दिल्ली रूट से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर देहात के भोगनीपुर से घाटमपुर की तरफ डायवर्ट कर, चौडगरा, रायबरेली, बछरावां होते हुए मोहनलालगंज से लखनऊ भेज जा रहा है।
- हमीरपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर नगर के घाटमपुर से चौडगरा, रायबरेली, मोहनलालगंज होते हुए लखनऊ भेजा जा रहा है।
- झांसी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर के रामादेवी चौराहे से चौडगरा की तरफ डायवर्ट करते हुए मोहनलालगंज रूट से लखनऊ भेजने का रूट तय हुआ था।
- कानपुर से उन्नाव की ओर आने वाले भारी वाहनों को दही चौकी से पुरवा मार्ग पर डायवर्ट किया जा रहा है। ये वाहन पुरवा, मौरावां, गुरुबक्शगंज, बछरावां और मोहनलालगंज होते हुए लखनऊ जा रहे हैं।
- दिल्ली और आगरा की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से लखनऊ भेजने का प्लान तय किया गया था।