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तीन दिवसीय दिवारी नृत्य प्रतियोगिता शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:12 PM IST
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श्री रामजानकी मंदिर समिति के तत्वावधान में देव एकादशी पर मुहम्मदाबाद में तीन दिवसीय नृत्य प्रतियोगिता एवं मेला का कार्यक्रम गुरुवार से श्ुारू हो गया। शुक्रवार को दिवारी नृत्य प्रतियोगिता का उद्घाटन सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने फीता काटकर किया। इसमें आधा दर्जन टीमों ने भाग लिया। श्री रामजानकी मंदिर परिसर मुहम्मदाबाद में तीन दिवसीय मेला एवं दिवारी नृत्य प्रतियोगिता का सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृति को जीवित रखते हुए दिवारी नृत्य कलाकार आज के आधुनिक समय भी पूरी मेहनत कर रहे हैं। संस्कृति को बनाए रखने में ग्रामीण युवाओं का काफी योगदान रहा है। ऐसे आयोजनों से आपसी एकता तो बढ़ती ही है, साथ में कलाकारों की कला में निखार आता है। प्रतियोगिता का शुभारंभ कुसमिलिया ए टीम के कलाकारों ने नृत्य का प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके बाद मुहम्मदाबाद के कप्तान भानू अहिरवार की टीम ने करतब दिखाए। कुसमिलिया बी टीम के कैप्टन अंकित अतरा के मंगल सिंह की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। चिकासी हमीरपुर सरीला की टीमों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद कचारी झांसी डकोर टीमों के बीच प्रदर्शन हुआ। निर्णायक रामदास राजपूत, मधुर, देवेंद्र राजपूत रहे। अशोक राजपूत, उमेश उपाध्याय, महेंद्र तिवारी, अनिल राजपूत, राजकुमार मुखिया, चंद्रप्रकाश, विक्रम कौशल, उत्तम बिहारी लाल मौजूद रहे। संचालन कृष्णदत्त तिवारी ने किया।
- फोटो : अमर उजाला
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श्री रामजानकी मंदिर समिति के तत्वावधान में देव एकादशी पर मुहम्मदाबाद में तीन दिवसीय नृत्य प्रतियोगिता एवं मेला का कार्यक्रम गुरुवार से श्ुारू हो गया। शुक्रवार को दिवारी नृत्य प्रतियोगिता का उद्घाटन सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने फीता काटकर किया। इसमें आधा दर्जन टीमों ने भाग लिया। श्री रामजानकी मंदिर परिसर मुहम्मदाबाद में तीन
दिवसीय मेला एवं दिवारी नृत्य प्रतियोगिता का सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृति को जीवित रखते हुए दिवारी नृत्य कलाकार आज के आधुनिक समय भी पूरी मेहनत कर रहे हैं। संस्कृति को बनाए रखने में ग्रामीण युवाओं का काफी योगदान रहा है। ऐसे आयोजनों से आपसी एकता तो बढ़ती ही है, साथ
में कलाकारों की कला में निखार आता है। प्रतियोगिता का शुभारंभ कुसमिलिया ए टीम के कलाकारों ने नृत्य का प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके बाद मुहम्मदाबाद के कप्तान भानू अहिरवार की टीम ने करतब दिखाए। कुसमिलिया बी टीम के कैप्टन अंकित अतरा के मंगल सिंह की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। चिकासी हमीरपुर सरीला की टीमों ने
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प्रदर्शन किया। इसके बाद कचारी झांसी डकोर टीमों के बीच प्रदर्शन हुआ। निर्णायक रामदास राजपूत, मधुर, देवेंद्र राजपूत रहे। अशोक राजपूत, उमेश उपाध्याय, महेंद्र तिवारी, अनिल राजपूत, राजकुमार मुखिया, चंद्रप्रकाश, विक्रम कौशल, उत्तम बिहारी लाल मौजूद रहे। संचालन कृष्णदत्त तिवारी ने किया।
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दिवसीय मेला एवं दिवारी नृत्य प्रतियोगिता का सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृति को जीवित रखते हुए दिवारी नृत्य कलाकार आज के आधुनिक समय भी पूरी मेहनत कर रहे हैं। संस्कृति को बनाए रखने में ग्रामीण युवाओं का काफी योगदान रहा है। ऐसे आयोजनों से आपसी एकता तो बढ़ती ही है, साथ
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में कलाकारों की कला में निखार आता है। प्रतियोगिता का शुभारंभ कुसमिलिया ए टीम के कलाकारों ने नृत्य का प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके बाद मुहम्मदाबाद के कप्तान भानू अहिरवार की टीम ने करतब दिखाए। कुसमिलिया बी टीम के कैप्टन अंकित अतरा के मंगल सिंह की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। चिकासी हमीरपुर सरीला की टीमों ने
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प्रदर्शन किया। इसके बाद कचारी झांसी डकोर टीमों के बीच प्रदर्शन हुआ। निर्णायक रामदास राजपूत, मधुर, देवेंद्र राजपूत रहे। अशोक राजपूत, उमेश उपाध्याय, महेंद्र तिवारी, अनिल राजपूत, राजकुमार मुखिया, चंद्रप्रकाश, विक्रम कौशल, उत्तम बिहारी लाल मौजूद रहे। संचालन कृष्णदत्त तिवारी ने किया।