{"_id":"51bf7d87e08a708d9cbc716cab916cfa","slug":"the-scheme-can-not-find-the-money-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा का पैसा नहीं मिल रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा का पैसा नहीं मिल रहा
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Mon, 11 Jan 2016 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को
विज्ञापन
उरई के गांव चिल्ली में के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक चौपाल का आयोजन
किया। इस दौरान कई मनरेगा जाब कार्डधारकों ने काम का पैसा नहीं मिलने की
शिकायत की। वहीं, कई विभागों के अधिकारियो के न पहुंचने पर जिलाधिकारी ने
उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा।
डकोर क्षेत्र के गांव चिल्ली में जिलाधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को भ्रमण किया। इस दौरान वे गांव के शहीद योगेंद्र पाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वे पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे जहां बच्चों से पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। अध्यापिका सुशीला पुरवार से उन्होंने बच्चों की संख्या पूछी जो वह नहीं बता सकीं। इस पर उन्होंने
विद्यालय के स्टाफ को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। इसके बाद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम केे तहत जानकारी ली। कोटेदार नंदराम गुप्ता, पूर्ति इंस्पेक्टर अखिलेश से कहा कि पात्र व्यक्तियों को फार्म पहुंचाकर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करवाएं अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वृद्धावस्था पेंशन, समाजवादी पेंशन, विकलांग, विधवा पेंशनों के लिए पात्रों के फार्म भरवाने को
भी कहा। इसके बाद मनरेगा के जाबकार्ड, विकलांगों, गरीब अपाहिजों के बनाए जाने के निर्देश दिए। मनरेगा के तहत हुए कामों का पैसा न मिलने की भी जाबकार्ड धारकों ने शिकायत की। इस पर डीएम ने एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा। अन्यथा कार्रवाई की बात कही। वहीं, नलकूप विभाग व पशु विभाग से कोई अधिकारी न पहुंचने से डीएम ने उनसे
स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने सचिव व ग्राम प्रधान से प्राथमिकता से विकास कार्य कराने को कहा। चौपाल में तहसीलदार दुर्गेश यादव, कृषि निदेशक अनिल पाठक, बीडीओ आलोक पांडे, पीडी चित्रसेन, ज्ञानेंद्र सिंह राजपूत, जलनिगम से डीपी सिंह, शशिकांत गुप्ता, बीएसए राजेश कुमार, डीपीओ सुनील श्रीवास्तव, इदरीश आदि मौजूद रहे।
ताकते रहे ग्रामीण, नहीं पहुंचे अफसर
गांव के अंदर गलियों में रहने वाले ग्रामीण चौपाल के बाद अफसरों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन अफसर चौपाल के बाद ही मुख्यालय लौट गए जिसका ग्रामीणों को खासा मलाल है।
अफसरों के सामने रखीं समस्याएं
चिल्ली गांव के प्रधान उपेंद्र सिंह रामू ने बताया कि चिल्ली से कुसमिलिया तक का संपर्क मार्ग तीन किलोमीटर तक पक्का हो जाए तो राहत हो जाए। इसके अलावा गांव में पेयजल व्यवस्था के लिए 15 हैंडपंप, पानी की टंकी व ट्यूबवेल स्थापित कराने की प्रमुखता से मांग उठाई गई। वहीं, पशु अस्पताल, शौचालय की मांग को भी चौपाल में रखीं गईं। डीएम ने ट्यूबवेल व डामरीकरण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
डकोर क्षेत्र के गांव चिल्ली में जिलाधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को भ्रमण किया। इस दौरान वे गांव के शहीद योगेंद्र पाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वे पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे जहां बच्चों से पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। अध्यापिका सुशीला पुरवार से उन्होंने बच्चों की संख्या पूछी जो वह नहीं बता सकीं। इस पर उन्होंने
विद्यालय के स्टाफ को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। इसके बाद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम केे तहत जानकारी ली। कोटेदार नंदराम गुप्ता, पूर्ति इंस्पेक्टर अखिलेश से कहा कि पात्र व्यक्तियों को फार्म पहुंचाकर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करवाएं अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वृद्धावस्था पेंशन, समाजवादी पेंशन, विकलांग, विधवा पेंशनों के लिए पात्रों के फार्म भरवाने को
भी कहा। इसके बाद मनरेगा के जाबकार्ड, विकलांगों, गरीब अपाहिजों के बनाए जाने के निर्देश दिए। मनरेगा के तहत हुए कामों का पैसा न मिलने की भी जाबकार्ड धारकों ने शिकायत की। इस पर डीएम ने एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा। अन्यथा कार्रवाई की बात कही। वहीं, नलकूप विभाग व पशु विभाग से कोई अधिकारी न पहुंचने से डीएम ने उनसे
स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने सचिव व ग्राम प्रधान से प्राथमिकता से विकास कार्य कराने को कहा। चौपाल में तहसीलदार दुर्गेश यादव, कृषि निदेशक अनिल पाठक, बीडीओ आलोक पांडे, पीडी चित्रसेन, ज्ञानेंद्र सिंह राजपूत, जलनिगम से डीपी सिंह, शशिकांत गुप्ता, बीएसए राजेश कुमार, डीपीओ सुनील श्रीवास्तव, इदरीश आदि मौजूद रहे।
ताकते रहे ग्रामीण, नहीं पहुंचे अफसर
गांव के अंदर गलियों में रहने वाले ग्रामीण चौपाल के बाद अफसरों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन अफसर चौपाल के बाद ही मुख्यालय लौट गए जिसका ग्रामीणों को खासा मलाल है।
अफसरों के सामने रखीं समस्याएं
चिल्ली गांव के प्रधान उपेंद्र सिंह रामू ने बताया कि चिल्ली से कुसमिलिया तक का संपर्क मार्ग तीन किलोमीटर तक पक्का हो जाए तो राहत हो जाए। इसके अलावा गांव में पेयजल व्यवस्था के लिए 15 हैंडपंप, पानी की टंकी व ट्यूबवेल स्थापित कराने की प्रमुखता से मांग उठाई गई। वहीं, पशु अस्पताल, शौचालय की मांग को भी चौपाल में रखीं गईं। डीएम ने ट्यूबवेल व डामरीकरण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।