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अब शुरू हुए मंडी के दो क्रय केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:18 PM IST
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प्रकृति की मार से बर्बाद किसान व्यापारियों के यहां औने पौने दामों पर अपना गेहूं बेचने को मजबूर हैं। यहां अभी आरएफसी और पीसीएफ पर ही खरीद शुरू हुई है लेकिन थोड़ा ही माल लिया गया है। यूपी एग्रो केंद्र बारदाना व भुगतान के लिए पैसा नहीं होने की समस्या से जूझ रहा है। क्रय विक्रय और एलएसएस जुझारपुरा पर बुधवार से खरीद शुरू होने की उम्मीद है।
सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये निर्धारित किया है और कोंच में दर्जन भर क्रय केंद्र भी खोले गए हैं। 12 दिन बाद भी खरीद का काम अभी भी पटरी पर नहीं आ सका है। शहरी इलाके में पांच क्रय केंद्रों में अभी केवल दो ही शुरू हुए हैं। उधर, गल्ला मंडी परिसर में स्थापित आरएफसी केंद्र पर मंगलवार को माल की तौलाई होते दिखी। केंद्र के प्रभारी विपणन
अधिकारी लवदीप सोनी ने बताया है कि उनके केंद्र पर सोमवार से ही खरीद शुरू हो गई थी। लगभग दो सौ क्विंटल गेहूं की खरीद भी हो चुकी है। पीसीएफ केंद्र के प्रभारी अवधलाल ने बताया कि अभी किसानों का आना कम है। दो दिन में 65 क्विंटल गेहूं खरीद की गई है। सब्जी मंडी स्थित यूपी एग्रो केंद्र पर खरीद शुरू होने का कोई ओर छोर नहीं है। यहां बारदाना और
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भुगतान दोनों की समस्या है। मंडी के बाहर सहकारी क्रय विक्रय समिति और एलएसएस जुझारपुरा में हालांकि भुगतान और बारदाना की समस्या नहीं है। उम्मीद है कि बुधवार से इन दोनों केंद्रों पर खरीद चालू हो जाएगी। जब क्रय केंद्रों पर ताले लटक रहे हों, किसानों के सामने मंडी में व्यापारियों के यहां औने पौने दामों पर अपनी उपज बेचने के अलावा और कोई
रास्ता नहीं है। हालांकि मंडी प्रशासन ने पहले ही फरमान जारी कर दिया है कि किसानों का माल अगर व्यापारी खरीदते भी हैं तो उन्हें समर्थन मूल्य 1525 रुपये के हिसाब से ही भुगतान
करना होगा। इस फरमान के बाद हालांकि व्यापारियों ने पल्ला झाड़ लिया था लेकिन लगता है कि व्यापारियों ने बीच का कोई रास्ता निकाल लिया है जिसके चलते किसानों का माल व्यापारियों की दुकानों पर पहुंच रहा है।
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सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये निर्धारित किया है और कोंच में दर्जन भर क्रय केंद्र भी खोले गए हैं। 12 दिन बाद भी खरीद का काम अभी भी पटरी पर नहीं आ सका है। शहरी इलाके में पांच क्रय केंद्रों में अभी केवल दो ही शुरू हुए हैं। उधर, गल्ला मंडी परिसर में स्थापित आरएफसी केंद्र पर मंगलवार को माल की तौलाई होते दिखी। केंद्र के प्रभारी विपणन
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अधिकारी लवदीप सोनी ने बताया है कि उनके केंद्र पर सोमवार से ही खरीद शुरू हो गई थी। लगभग दो सौ क्विंटल गेहूं की खरीद भी हो चुकी है। पीसीएफ केंद्र के प्रभारी अवधलाल ने बताया कि अभी किसानों का आना कम है। दो दिन में 65 क्विंटल गेहूं खरीद की गई है। सब्जी मंडी स्थित यूपी एग्रो केंद्र पर खरीद शुरू होने का कोई ओर छोर नहीं है। यहां बारदाना और
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भुगतान दोनों की समस्या है। मंडी के बाहर सहकारी क्रय विक्रय समिति और एलएसएस जुझारपुरा में हालांकि भुगतान और बारदाना की समस्या नहीं है। उम्मीद है कि बुधवार से इन दोनों केंद्रों पर खरीद चालू हो जाएगी। जब क्रय केंद्रों पर ताले लटक रहे हों, किसानों के सामने मंडी में व्यापारियों के यहां औने पौने दामों पर अपनी उपज बेचने के अलावा और कोई
रास्ता नहीं है। हालांकि मंडी प्रशासन ने पहले ही फरमान जारी कर दिया है कि किसानों का माल अगर व्यापारी खरीदते भी हैं तो उन्हें समर्थन मूल्य 1525 रुपये के हिसाब से ही भुगतान
करना होगा। इस फरमान के बाद हालांकि व्यापारियों ने पल्ला झाड़ लिया था लेकिन लगता है कि व्यापारियों ने बीच का कोई रास्ता निकाल लिया है जिसके चलते किसानों का माल व्यापारियों की दुकानों पर पहुंच रहा है।