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Jalaun News: व्हाट्सएप ग्रुप से चलता था ओवरलोड ट्रकों का खेल
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उरई (जालौन)। जिले में ओवरलोड बालू भरे ट्रकों को बिना किसी रोक-टोक सीमा पार कराने वाले लोकेशन गैंग का मास्टरमाइंड डकोर गांव का बीडीसी मयंक यादव बताया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन, खान निरीक्षक और कोतवाली उरई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए चार आरोपियों में मयंक की भूमिका सबसे अहम सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि पूरे नेटवर्क को व्हाट्सएप ग्रुप पर वही संचालित कर रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मयंक ने अपने साथियों के साथ मिलकर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसके जरिए चेकिंग कर रहे अधिकारियों की लाइव लोकेशन ट्रक चालकों तक पहुंचाई जाती थी। इसी सूचना के आधार पर ओवरलोड वाहन या तो रास्ता बदल लेते थे या फिर चेकिंग समाप्त होने तक रुककर जिले की सीमा पार कराए जाते थे। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल इसी अवैध गतिविधि में किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि मयंक खुद भी ट्रकों का संचालन करता है और भारी जुर्माने से बचने के लिए यह पूरा सिस्टम खड़ा किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मयंक पूर्व में भी जेल जा चुका है, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की पुष्टि होती है।
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एआरटीओ की तहरीर पर कोतवाली उरई में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों के मोबाइल फोन की सीडीआर और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में और नाम सामने आ सकते हैं और पूरे लोकेशन गैंग के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार मयंक ने अपने साथियों के साथ मिलकर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसके जरिए चेकिंग कर रहे अधिकारियों की लाइव लोकेशन ट्रक चालकों तक पहुंचाई जाती थी। इसी सूचना के आधार पर ओवरलोड वाहन या तो रास्ता बदल लेते थे या फिर चेकिंग समाप्त होने तक रुककर जिले की सीमा पार कराए जाते थे। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल इसी अवैध गतिविधि में किया जा रहा था।
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बताया जा रहा है कि मयंक खुद भी ट्रकों का संचालन करता है और भारी जुर्माने से बचने के लिए यह पूरा सिस्टम खड़ा किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मयंक पूर्व में भी जेल जा चुका है, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की पुष्टि होती है।
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एआरटीओ की तहरीर पर कोतवाली उरई में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों के मोबाइल फोन की सीडीआर और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में और नाम सामने आ सकते हैं और पूरे लोकेशन गैंग के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।