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नमाजिए के लिए बंद रहे मस्जिदों के दरवाजे
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मरकज जामा मस्जिद में बंद दरवाजा और चस्पा अपील
- फोटो : ORAI
उरई/जालौन। शुक्रवार को लॉक डाउन के चलते नगर में स्थित किसी भी मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं की गई। लोगों ने अपने अपने घरों में नमाज अदा कर कोरोना वायरस के खात्मे की दुआ मांगी। उरई में शहर काजी शकील वेग रहमानी, शाही इमाम फिरोज अली रहमानी,शहर इमाम हाफिज मंजूर बरकाती, धर्मगुरु हाफिज जब्बार ने मस्जिदों में नमाज अदा की और लोगों से घरों में रहकर नमाज अदा करने की अपील की। मस्जिदों में कहीं दो चार लोग दिखाई दिए, कहीं ताले लटके नजर आए।
इस समय कोरोना के कहर से पूरी दुनिया त्रस्त है। सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए पूरे देश को 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। मस्जिदों में भी ताला नजर आने लगा है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों से घरों में ही नमाज अदा करने की अपील की गई थी। जिसके चलते शुक्रवार को नगर में स्थित मरकज जामा मस्जिद, वाले वाली मस्जिद, तकिया मस्जिद, मदरसा मस्जिद, हुसैनी जामा मस्जिद, इमामबाग मस्जिद, बड़ी ईदगाह, सुब्हानी मस्जिद मस्जिद समेत किसी भी मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं की गई। लोगों ने अपने अपने घरों में ही जोहर की नमाज अदा की। इस संबंध में मौलाना सहाबुद्दीन, मौलाना सुल्तान, मौलाना इरफान, कारी उजैर, मौलाना उवैश, मौलाना साकिब ने बताया कि इस समय हुकूमत कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने की कवायद में लगी है। देशहित में और लोगों की भलाई के लिए जो भी फैसला लिया जा रहा है। उसका पालन किया जाना चाहिए।
इमामों ने किया पालन, घरों में अदा हुई जुमे की नमाज
कोंच। मस्जिदों के इमामों और मौलवियों ने सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए मस्जिदों के दरबाजे नमाजियों के लिए बंद रखे जिसके चलते मस्जिदों से अजान के वक्त ऐलान किया गया कि नमाजी मस्जिदों में न जुटें और घरों में रह कर ही जुमे की नमाज अदा करें। शुक्रवार को नमाज के वक्त मस्जिदों में लोग नहीं गए और जुमे की नमाज घरों में ही पढ़ी गई। मस्जिदों में सिर्फ वहां के धर्म गुरुओं ने ही नमाज पढ़ी।
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इस समय कोरोना के कहर से पूरी दुनिया त्रस्त है। सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए पूरे देश को 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। मस्जिदों में भी ताला नजर आने लगा है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों से घरों में ही नमाज अदा करने की अपील की गई थी। जिसके चलते शुक्रवार को नगर में स्थित मरकज जामा मस्जिद, वाले वाली मस्जिद, तकिया मस्जिद, मदरसा मस्जिद, हुसैनी जामा मस्जिद, इमामबाग मस्जिद, बड़ी ईदगाह, सुब्हानी मस्जिद मस्जिद समेत किसी भी मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं की गई। लोगों ने अपने अपने घरों में ही जोहर की नमाज अदा की। इस संबंध में मौलाना सहाबुद्दीन, मौलाना सुल्तान, मौलाना इरफान, कारी उजैर, मौलाना उवैश, मौलाना साकिब ने बताया कि इस समय हुकूमत कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने की कवायद में लगी है। देशहित में और लोगों की भलाई के लिए जो भी फैसला लिया जा रहा है। उसका पालन किया जाना चाहिए।
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इमामों ने किया पालन, घरों में अदा हुई जुमे की नमाज
कोंच। मस्जिदों के इमामों और मौलवियों ने सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए मस्जिदों के दरबाजे नमाजियों के लिए बंद रखे जिसके चलते मस्जिदों से अजान के वक्त ऐलान किया गया कि नमाजी मस्जिदों में न जुटें और घरों में रह कर ही जुमे की नमाज अदा करें। शुक्रवार को नमाज के वक्त मस्जिदों में लोग नहीं गए और जुमे की नमाज घरों में ही पढ़ी गई। मस्जिदों में सिर्फ वहां के धर्म गुरुओं ने ही नमाज पढ़ी।

मुहम्मदाबाद में पीरों वाली मस्जिद नमाज अदा कराते पेश इमाम- फोटो : ORAI
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