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Jalaun News: यमुना का जलस्तर बढ़ने से डूबा रपटा पुल

Fri, 09 Aug 2024 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 12:51 AM IST
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Slipped bridge sank due to rising water level of Yamuna
नाव के सहारे गांव जाने की मजबूरी, कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा
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फोटो-18-पडरी गांव जाने के लिए स्टीमर एवं नाव का प्रयोग करते ग्रामीण। स्रोत: संवाद
फोटो-19-बेतवा का जलस्तर नापती टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कालपी (जालौन)। यमुना के बढ़ता जलस्तर चेतावनी बिंदु से तीन मीटर नीचे रहने के बाद घटना शुरू हो गया है। बढ़ते जलस्तर ने कछार इलाकों में रहने वालों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, करीब 10 गांवों में फसलें जलमग्न होने से किसान चिंतित हैं। बढ़ते जलस्तर की वजह से कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। गुरुवार को यमुना का जलस्तर 1 मीटर नीचे आ गया। वहींं, बेतवा का जलस्तर सामान्य देखा जा रहा है। नदियों का वेग स्थिर होने से स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
यमुना के बढ़ते जलस्तर से नून नदी पर मगरौल गांव के पास बना रपटा डूब गया था। जिससे कई गावों का तहसील मुख्यालय से सीधा सम्पर्क टूट गया है। जिससे प्रभावित गांवों के ग्रामीणो को कई गुना दूरी तय करके तहसील मुख्यालय आना पड रहा है। हालांकि गुरुवार को जलस्तर में कमी आई है पर रपटा अभी भी पानी में डूबा है।
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कई दिनों से यमुना और बेतवा का जलस्तर घट बढ़ रहा था और सोमवार से पानी बढ़ने की रफ्तार काफी बढ़ गई थी। आलम यह था कि बेतवा का जलस्तर 119 मीटर पर पहुंच गया था। जो खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे था। यमुना का जलस्तर भी बुधवार दोपहर को 105 मीटर दर्ज हुआ था, जो खतरे के निशान से 3 मीटर कम था।
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बेतवा में बाढ़ की निगरानी कर रहे दुर्गेश कुमार के अनुसार, वेतवा का जलस्तर गुरुवार को 111.43 मीटर है। जो लगभग सामान्य है तो यमुना में बाढ़ के हालात पर नजर रखने वाले केंद्रीय जल आयोग के जिम्मेदार रूपेश कुमार के अनुसार, 24 घंटे में नदी का जलस्तर 102.03 पर आया है और नदी खतरे के निशान से 6 मीटर नीचे चल रही है । उन्होंने बताया कि यमुना 6 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रही है। जिससे शीघ्र ही उसके सामान्य होने के आसार है । नदियों के जलस्तर में गिरावट आने से यमुना और बेतवा की तलहटी में बसे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि कई इलाकों में अभी भी पानी भरा होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

नदियों का जलस्तर अभी वढने के आसार नही

केन्द्रीय जल आयोग की मानें तो बेतवा और यमुना के अभी जल्दी बढ़ने के आसार नही है क्योंकि अभी राजस्थान और मध्य प्रदेश में ज्यादा बरसात नही हो रही है। चंबल नदी पर बने कोटा बैराज की स्थित अभी ठीक है तो बेतवा में भी अब पानी की अधिकता नही है । इसलिये कयास लगाया जा रहा है कि निकट समय में दोनों नदियो का पानी नही वढेगा। जिससे स्थिति सामान्य रहने के आसार है।



जलस्तर बढ़ने से फसलें बर्बाद होने की आशंका
यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने से लगभग 10 से अधिक गांवों में फसलों के खराब होने की आशंका है। महेबा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मंगरोल, पडरी किरतपुर, शेखपुर, बुल्दा, देवकली गुढाखास, हीरापुर, धरमपुर, नया पुरवा महेवा, निबहना, उरकरा कला, दहेलखंड नरहान के किसान कैलाश सिंह, कुलदीप, बबलू, राजकुमार, उमेश आदि ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने से हम लोगों की जो जमीन यमुना के किनारे कछार के किनारे पड़ती है। उसमें बोई हुई ज्वार बाजरा तिल की फसल पानी भरने के कारण सड़ने की स्थिति में पहुंच जाती हैं। इसके साथ ही यमुना के किनारे तटीय इलाकों में सब्जियां उगाने वाले किसानों की फसलें भी खराब हो जाती हैं। जिससे आम लोगों को महंगे दामों में सब्जियां खरीदना पड़ती हैं।
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