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Jalaun News: राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों कमी, पढ़ाई राम भरोसे

Thu, 09 Jul 2026 12:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:17 AM IST
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Shortage of teachers in government schools; education left to fate.
उरई। जिले के 28 राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा की तैयारियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। जिले के 13 इंटर कॉलेजों में से केवल दो में स्थायी प्रधानाचार्य हैं। शेष 11 विद्यालय कार्यवाहक प्रधानाचार्यों के भरोसे चल रहे हैं।
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जिले में 13 इंटर कॉलेज और 15 हाईस्कूल शामिल हैं। 15 राजकीय हाईस्कूलों में भी दो प्रधानाचार्य पद रिक्त हैं। जीजीआईसी उरई में 10 पदों के मुकाबले सिर्फ दो प्रवक्ता हैं। जीआईसी मुसमरिया और मुख्यालय स्थित जीआईसी में भी यही स्थिति है, जहां 14 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल तीन प्रवक्ता कार्यरत हैं। जीजीआईसी गोहन, जीआईसी डकोर, जीजीआईसी बाबई, जीआईसी जगम्मनपुर, जीआईसी बंगरा, जीआईसी कदौरा, जीआईसी सैदनगर व दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज मुसमरिया और खरूसा सहित कई विद्यालयों में प्रवक्ताओं के बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।
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राजकीय मुमताज इंटर कॉलेज में निजी शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई
कदौरा। राजकीय मुमताज इंटर कॉलेज में गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के नियमित प्रवक्ता नहीं हैं। ऐसे में विद्यालय प्रबंधन निजी शिक्षकों की मदद से कक्षाएं संचालित करा रहा है।
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विद्यालय में करीब 30 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल नौ नियमित शिक्षक और नौ मानदेय आधारित शिक्षक कार्यरत हैं। इंटरमीडिएट स्तर पर केवल उर्दू और नागरिक शास्त्र के दो नियमित प्रवक्ता तैनात हैं। अन्य प्रमुख विषयों के प्रवक्ता लंबे समय से नहीं हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालय ने पांच से छह निजी शिक्षकों की व्यवस्था की है। प्रधानाचार्य नीरज ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद छात्रों की पढ़ाई सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं अभिभावक रामप्रकाश, दिलीप कुमार, संतोष, श्रीकंठ, रामदयाल, कमलेश, हेमंत ने नियमित विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति कराए जाने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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