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Jalaun News: शारदीय नवरात्र...सर्वकल्याण के लिए हाथी पर आएंगी मां दुर्गा
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फोटो 20: आचार्य सनत्कुमार मिश्रा। स्रोत : स्वयं
फोटो 21: शास्त्री उमाकांत अवस्थी। स्रोत : स्वयं
- प्रतिपदा पर सुबह 6.19 बजे से 7.49 तक है कलश स्थापना का मुहूर्त
- नवरात्र पर ग्रहों के योग से बनेंगे कई विशेष संयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रहे हैं। रविवार को पितरों को विदाई के साथ ही श्रद्धालु मां दुर्गा के आगमन को हर्षोल्लास से मनाएंगे। इस शारदीय नवरात्र पर सर्व कल्याण के लिए मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। प्रतिपदा तिथि सोमवार को सुबह 6.19 बजे से 7.49 बजे तक अमृतकाल में कलश स्थापना का मुहूर्त है।
नवरात्र में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है। शारदीय नवरात्र में कई शुभ योग बन रहे हैं। माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, जो समृद्धि का प्रतीक है। आचार्य सनत्कुमार मिश्रा और शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होंगे। नौ दिन मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा की जाएगी।
नवरात्र में सच्ची उपासना से मां दुर्गा सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। बताया कि वैसे तो मां दुर्गा का वाहन शेर है लेकिन, इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी। बताया कि दो अक्तूबर को दशमी तिथि को नवरात्र का विश्राम होगा। बताया कि अमृतकल के बाद सुबह 9.14 बजे से 10.49 बजे तक और अभिजित मुहूर्त में 11:55 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा। एक अक्तूबर नवमी को हवन होगा।
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नवरात्र पर बन रहे कई संयोग :
आचार्य सनत्कुमार मिश्रा व शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि इस बार ग्रहों के योग से कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बार बुधादित्य राजयोग, भद्र राजयोग, धन योग (चंद्र, मंगल युति तुला राशि में होगी), त्रिग्रह योग (चंद्रमा, बुध और सूर्य की युति कन्या राशि में होगी), गजेसरी राजयोग का शुभ संयोग भी होगा। नवरात्र का शुभारंभ गजकेसरी राजयोग से हो रहा है।
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फोटो 21: शास्त्री उमाकांत अवस्थी। स्रोत : स्वयं
- प्रतिपदा पर सुबह 6.19 बजे से 7.49 तक है कलश स्थापना का मुहूर्त
- नवरात्र पर ग्रहों के योग से बनेंगे कई विशेष संयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रहे हैं। रविवार को पितरों को विदाई के साथ ही श्रद्धालु मां दुर्गा के आगमन को हर्षोल्लास से मनाएंगे। इस शारदीय नवरात्र पर सर्व कल्याण के लिए मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। प्रतिपदा तिथि सोमवार को सुबह 6.19 बजे से 7.49 बजे तक अमृतकाल में कलश स्थापना का मुहूर्त है।
नवरात्र में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है। शारदीय नवरात्र में कई शुभ योग बन रहे हैं। माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, जो समृद्धि का प्रतीक है। आचार्य सनत्कुमार मिश्रा और शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होंगे। नौ दिन मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा की जाएगी।
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नवरात्र में सच्ची उपासना से मां दुर्गा सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। बताया कि वैसे तो मां दुर्गा का वाहन शेर है लेकिन, इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी। बताया कि दो अक्तूबर को दशमी तिथि को नवरात्र का विश्राम होगा। बताया कि अमृतकल के बाद सुबह 9.14 बजे से 10.49 बजे तक और अभिजित मुहूर्त में 11:55 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा। एक अक्तूबर नवमी को हवन होगा।
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नवरात्र पर बन रहे कई संयोग :
आचार्य सनत्कुमार मिश्रा व शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि इस बार ग्रहों के योग से कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बार बुधादित्य राजयोग, भद्र राजयोग, धन योग (चंद्र, मंगल युति तुला राशि में होगी), त्रिग्रह योग (चंद्रमा, बुध और सूर्य की युति कन्या राशि में होगी), गजेसरी राजयोग का शुभ संयोग भी होगा। नवरात्र का शुभारंभ गजकेसरी राजयोग से हो रहा है।