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Jalaun News: पेट्रोल-डीजल चोरी करने वाले गिरोह के सात बदमाश गिरफ्तार
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उरई। लखनऊ एसटीएफ की टीम ने कालपी कोतवाली क्षेत्र के जोल्हूपुर मोड़ स्थित अस्थायी गोदाम में बुधवार रात को छापा मारा। टीम ने यहां से चोरी के डीजल-पेट्रोल बेचने वाले गिरोह के सात बदमाशों को दबोचा है। मौके से 53 हजार लीटर डीजल व 11 सौ लीटर पेट्रोल, 54 हजार रुपये, बड़ी मात्रा में पाइप, मास्टर चाबियां, मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
गोदाम में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस को दो टैंकर डीजल और पेट्रोल मिला है। कानपुर देहात के प्रतापपुर निवासी राहुल, शिवली निवासी रिंकू कुमार, महोबा के चरखारी निवासी अकील अहमद, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव निवासी तौहीद खान, कालपी के रामचबूतरा निवासी रामबाबू, भट्टीपुरा निवासी मुसरत अली व आलमपुर निवासी शिवा चौहान को गिरफ्तार किया है। इसमें शिवा चौहान ही गोदाम संचालक है।
वहीं आलमपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ राजू, संदीप और शैलेंद्र को फरार हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह पेट्रोलियम कंपनियों के टैंकर ड्राइवरों से मिली भगत कर तेल चोरी करता था। मास्टर चाबियों से टैंकरों के नोजल लॉक खोलकर तेल निकाला जाता था। गिरोह रोजाना 10-15 टैंकरों से 50-100 लीटर तेल चुराकर 65-75 रुपये प्रति लीटर में बेचता था। पुलिस ने कालपी निवासी शिवा सिंह के घर से 750 लीटर पेट्रोल भी बरामद किया है। आरोपियों पर पेट्रोलियम एक्ट 1934 की धारा 23 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। जब्त किए गए टैंकरों को नवीन गल्ला मंडी कालपी में रखा गया है।
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डेढ़ साल पहले भी हुई थी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब कालपी क्षेत्र में डीजल चोरी कर बेचने का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ साल पहले भी एसटीएफ ने कालपी के चौरासी गुंबद के पास स्थित एक कबाड़ की दुकान पर छापा मारकर 14 ड्रमों में करीब 2800 लीटर डीजल, दो ड्रम पेट्रोल और एक केन में करीब 440 लीटर पेट्रोल बरामद किया था। उस दौरान एक टैंकर भी जब्त किया गया था। लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में चौकी व कोतवाली पुलिस की संलिप्ता रहती है। जहां यह कृत्य हो रहा था, वहां प्रतिदिन कोतवाली व चौकी पुलिस की गश्त रहती है। इसके बाद भी किसी ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। सूचना पर एसटीएफ ने जब छापामारी की तो कालपी पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्जन
एसटीएफ की तरफ से दस लोगों पर गिरोह बनाकर अवैध कार्य करने की तहरीर दी गई थी। सात लोगों को पकड़में लिया गया है, जबकि तीन की तलाश की जा रही है।
एके सिंह, सीओ कालपी
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गोदाम में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस को दो टैंकर डीजल और पेट्रोल मिला है। कानपुर देहात के प्रतापपुर निवासी राहुल, शिवली निवासी रिंकू कुमार, महोबा के चरखारी निवासी अकील अहमद, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव निवासी तौहीद खान, कालपी के रामचबूतरा निवासी रामबाबू, भट्टीपुरा निवासी मुसरत अली व आलमपुर निवासी शिवा चौहान को गिरफ्तार किया है। इसमें शिवा चौहान ही गोदाम संचालक है।
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वहीं आलमपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ राजू, संदीप और शैलेंद्र को फरार हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह पेट्रोलियम कंपनियों के टैंकर ड्राइवरों से मिली भगत कर तेल चोरी करता था। मास्टर चाबियों से टैंकरों के नोजल लॉक खोलकर तेल निकाला जाता था। गिरोह रोजाना 10-15 टैंकरों से 50-100 लीटर तेल चुराकर 65-75 रुपये प्रति लीटर में बेचता था। पुलिस ने कालपी निवासी शिवा सिंह के घर से 750 लीटर पेट्रोल भी बरामद किया है। आरोपियों पर पेट्रोलियम एक्ट 1934 की धारा 23 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। जब्त किए गए टैंकरों को नवीन गल्ला मंडी कालपी में रखा गया है।
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डेढ़ साल पहले भी हुई थी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब कालपी क्षेत्र में डीजल चोरी कर बेचने का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ साल पहले भी एसटीएफ ने कालपी के चौरासी गुंबद के पास स्थित एक कबाड़ की दुकान पर छापा मारकर 14 ड्रमों में करीब 2800 लीटर डीजल, दो ड्रम पेट्रोल और एक केन में करीब 440 लीटर पेट्रोल बरामद किया था। उस दौरान एक टैंकर भी जब्त किया गया था। लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में चौकी व कोतवाली पुलिस की संलिप्ता रहती है। जहां यह कृत्य हो रहा था, वहां प्रतिदिन कोतवाली व चौकी पुलिस की गश्त रहती है। इसके बाद भी किसी ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। सूचना पर एसटीएफ ने जब छापामारी की तो कालपी पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्जन
एसटीएफ की तरफ से दस लोगों पर गिरोह बनाकर अवैध कार्य करने की तहरीर दी गई थी। सात लोगों को पकड़में लिया गया है, जबकि तीन की तलाश की जा रही है।
एके सिंह, सीओ कालपी