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Jalaun News: झुलसा रही तपिश, घरों में दुबके लोग
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उरई। भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शनिवार के मुकाबले एक डिग्री अधिक रहा। तपती दोपहर और तेज धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। हालात यह रहे कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।
गर्मी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। जहां आम लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों में कैद हैं, वहीं किसान खेतों में पसीना बहाने के लिए मजबूर हैं। तपती दोपहर में भी किसान गेहूं की कटाई और भूसा बनाने का काम कर रहे हैं। पहले ही ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान झेल चुके किसान अब बची-खुची फसल को सुरक्षित करने की जद्दोजहद में जुटे हैं। ऐसे में बढ़ती गर्मी उनके लिए नई चुनौती बनकर सामने आई है। 43 डिग्री तापमान में खेतों में काम करना किसी परीक्षा से कम नहीं, फिर भी किसान अपनी मेहनत से पीछे नहीं हट रहे हैं। किसानों के सामने फसल बचाने और खुद को सुरक्षित रखने की दोहरी चुनौती बनी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय खेतों में कुछ राहत मिलती है लेकिन दोपहर की भीषण गर्मी काम को बेहद कठिन बना देती है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार ने उनकी मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. बिस्टर जोशी ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण बनने की आशंका है।
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गर्मी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। जहां आम लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों में कैद हैं, वहीं किसान खेतों में पसीना बहाने के लिए मजबूर हैं। तपती दोपहर में भी किसान गेहूं की कटाई और भूसा बनाने का काम कर रहे हैं। पहले ही ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान झेल चुके किसान अब बची-खुची फसल को सुरक्षित करने की जद्दोजहद में जुटे हैं। ऐसे में बढ़ती गर्मी उनके लिए नई चुनौती बनकर सामने आई है। 43 डिग्री तापमान में खेतों में काम करना किसी परीक्षा से कम नहीं, फिर भी किसान अपनी मेहनत से पीछे नहीं हट रहे हैं। किसानों के सामने फसल बचाने और खुद को सुरक्षित रखने की दोहरी चुनौती बनी हुई है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय खेतों में कुछ राहत मिलती है लेकिन दोपहर की भीषण गर्मी काम को बेहद कठिन बना देती है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार ने उनकी मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. बिस्टर जोशी ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण बनने की आशंका है।
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