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Jalaun News: सरकारी धन के गबन में भूमि संरक्षण अधिकारी पर रिपोर्ट
Sat, 17 Feb 2024 02:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 17 Feb 2024 02:48 AM IST
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उरई। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से सरकारी धन के गबन के मामले में भूमि संरक्षण अधिकारी शहाबुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव की तहरीर पर की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी भूमि संरक्षण अधिकारी लखनऊ में संबद्ध चल रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी की तहरीर के अनुसार, भूमि संरक्षण विभाग में इंस्पेक्टर रहे (अब सेवानिवृत) बुद्ध सिंह सचान ने वर्ष 2019 -20 में अपने किरायेदार मनोज कुमार व दो अन्य लोगों के खाते में भूमि संरक्षण मद के फंड से 4.46,880 में से करीब 50 हजार रुपये भेजे थे। मनोज कुमार ने इसकी शिकायत शासन स्तर पर की थी।
शासन ने इंस्पेक्टर बुद्ध सिंह की पेंशन व वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए इसकी जांच तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी शहाबुद्दीन को दी थी। लेकिन वह जांच में कोताही बरतते रहे और उन्होंने जांच रिपोर्ट ठीक से प्रस्तुत नहीं की। उनकी रिपोर्ट में संदेह होने पर शासन ने डीएम को पूरी जांच कराने के लिए निर्देशित किया।
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इस पर डीएम ने जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव को जांच सौंपी। उनकी जांच में पता चला कि इस गबन में भूमि संरक्षण अधिकारी रहे शहाबुद्दीन की भी संलिप्तता पाई गई। उन्होंने जांच ठीक से नहीं की। इस पर उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारी शहाबुद्दीन पर सरकारी धन के गबन करने व धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जिला कृषि अधिकारी की तहरीर के अनुसार, भूमि संरक्षण विभाग में इंस्पेक्टर रहे (अब सेवानिवृत) बुद्ध सिंह सचान ने वर्ष 2019 -20 में अपने किरायेदार मनोज कुमार व दो अन्य लोगों के खाते में भूमि संरक्षण मद के फंड से 4.46,880 में से करीब 50 हजार रुपये भेजे थे। मनोज कुमार ने इसकी शिकायत शासन स्तर पर की थी।
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शासन ने इंस्पेक्टर बुद्ध सिंह की पेंशन व वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए इसकी जांच तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी शहाबुद्दीन को दी थी। लेकिन वह जांच में कोताही बरतते रहे और उन्होंने जांच रिपोर्ट ठीक से प्रस्तुत नहीं की। उनकी रिपोर्ट में संदेह होने पर शासन ने डीएम को पूरी जांच कराने के लिए निर्देशित किया।
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इस पर डीएम ने जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव को जांच सौंपी। उनकी जांच में पता चला कि इस गबन में भूमि संरक्षण अधिकारी रहे शहाबुद्दीन की भी संलिप्तता पाई गई। उन्होंने जांच ठीक से नहीं की। इस पर उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारी शहाबुद्दीन पर सरकारी धन के गबन करने व धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।