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Jalaun News: भाषण प्रतियोगिता में राहुल ने बाजी मारी
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उरई। राजकीय जिला पुस्तकालय में बुधवार को संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की विशेषताएं विषय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कुल 11 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक प्रतिभागी को आठ मिनट का समय भाषण के लिए दिया गया। इसमें राहुल ने पहला, घनश्याम प्रजापति ने दूसरा व मुस्कान रत्नाकर ने तीसरा स्थान पाया।
जीआईसी के हिंदी के सेवानिवृत्त प्रवक्ता रमेश चंद्र प्रजापति ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में समय का बहुत महत्व होता है। ऐसी प्रतियोगिताएं समय प्रबंधन सिखाती है। प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह, कुलदीप गुप्ता, पुस्तकालय प्रभारी नितेंद्र सिंह ने भी विचार रखे। निर्णायक में कुलदीप गुप्ता, रितु अहिरवार रही। संचालन अंकिता चतुर्वेदी ने किया। इस दौरान रामजी दुबे, रामकेश पाल, सीमा वर्मा आदि मौैजूद रही।
वहीं बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय में संविधान दिवस पर भाषण, रंगोली और पेंटिंग की प्रतियोगिता आयोजित हुई। भाषण प्रतियोगिता में एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र उत्कर्ष श्रीवास्तव ने पहला स्थान पाया। पेंटिंग में सोनिया, ज्योति, साक्षी सिंह,रंगोली में सुलेखा, नैन्सी, पूनम, तान्या को मुख्य अतिथि सीओ उमेश पांडेय ने शील्ड देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की अध्यक्ष ममता गुप्ता, प्रबंधक शरद शर्मा, ब्रजभूषण सिंह ने भी विचार रखे। संचालन शिवानी द्विवेदी ने किया।
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प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने व्यक्त किया। बहुजन महानायक जन्मोत्सव आयोजन संयुक्त समिति की ओर से जमुना पैलेस में संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि एडीजे राजीव सरन, सीडीओ राजेंद्र प्रसाद श्रीवास, सूबेदार जितेंद्र कुमार दोहरे ने टॉपर छात्र-छात्राओं को साइकिल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन रामअवतार व सुधाकर राव ने किया। इस दौरान महेंद्र सिंह दोहरे, पुनीत भारती, राजेंद्र सिंह, रमाकांत, शशिकांत, बलवंत राय, अमर सिंह गौतम, नाथूराम बौद्ध, मूलचंद्र, श्याम प्रकाश आदि रहे।
कर्तव्य और दायित्वों के तालमेल से ही विकास: डॉ. वंदना
उरई। दयानंद वैदिक महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में सतत विकास एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। अतिथि प्रवक्ता पीपीएन डिग्री कॉलेज कानपुर की अर्थशास्त्र विभाग की प्रभारी डॉ. वंदना द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं को शांत किया एवं अपने-अपने कर्तव्यों व दायित्वों से विकास की गति को उन्नत करने की बात कही। प्राचार्य डॉ. प्रोफेसर राजेश चंद्र पांडेय ने विकास की गति को साहित्य के परिपेक्ष में विश्लेषित करते हुए छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। डॉ. प्रोफेसर शैलजा गुप्ता ने आत्मनिर्भर बनने व देश को आगे बढ़ाने की बात की। संचालन अर्थशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ वर्षा राहुल ने किया। इस दौरान ऋषभ सचान, वैभव शुक्ला, डॉ. अलका रानी पुरवार आदि ने भी विचार रखे। (संवाद)
शिक्षा के साथ हुनर भी विकसित करने की जरूरत
उरई। दयानंद वैदिक कॉलेज में आईक्यूएसी व प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में इन्फोसिस द्वारा वित्तपोषित सेंटम फाउंडेशन के तहत 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. राजेश चंद्र पांडेय ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने का सुझाव दिया। आईक्यूएसी संयोजिका प्रोफेसर अलका रानी पुरवार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का परिचय एवं उद्देश्य बताते हुए कहा की आधुनिक युग शिक्षा के साथ-साथ किसी न किसी हुनर को विकसित करने का है। आईक्यूएसी उपसंयोजक डॉ. विजय कुमार चौधरी, प्रशिक्षण कार्यक्रम संयोजक डॉ. हर्ष कुमार गर्ग, डॉ. अंगद सिंह कुशवाहा, ट्रेनर शिवम कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. हरीश श्रीवास्तव, डॉ़. सुरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. रामकिशोर गुप्ता, डॉ. नगमा खानम, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. आलोक पाठक ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. नीति कुशवाहा ने किया। (संवाद)
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जीआईसी के हिंदी के सेवानिवृत्त प्रवक्ता रमेश चंद्र प्रजापति ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में समय का बहुत महत्व होता है। ऐसी प्रतियोगिताएं समय प्रबंधन सिखाती है। प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह, कुलदीप गुप्ता, पुस्तकालय प्रभारी नितेंद्र सिंह ने भी विचार रखे। निर्णायक में कुलदीप गुप्ता, रितु अहिरवार रही। संचालन अंकिता चतुर्वेदी ने किया। इस दौरान रामजी दुबे, रामकेश पाल, सीमा वर्मा आदि मौैजूद रही।
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वहीं बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय में संविधान दिवस पर भाषण, रंगोली और पेंटिंग की प्रतियोगिता आयोजित हुई। भाषण प्रतियोगिता में एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र उत्कर्ष श्रीवास्तव ने पहला स्थान पाया। पेंटिंग में सोनिया, ज्योति, साक्षी सिंह,रंगोली में सुलेखा, नैन्सी, पूनम, तान्या को मुख्य अतिथि सीओ उमेश पांडेय ने शील्ड देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की अध्यक्ष ममता गुप्ता, प्रबंधक शरद शर्मा, ब्रजभूषण सिंह ने भी विचार रखे। संचालन शिवानी द्विवेदी ने किया।
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प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने व्यक्त किया। बहुजन महानायक जन्मोत्सव आयोजन संयुक्त समिति की ओर से जमुना पैलेस में संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि एडीजे राजीव सरन, सीडीओ राजेंद्र प्रसाद श्रीवास, सूबेदार जितेंद्र कुमार दोहरे ने टॉपर छात्र-छात्राओं को साइकिल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन रामअवतार व सुधाकर राव ने किया। इस दौरान महेंद्र सिंह दोहरे, पुनीत भारती, राजेंद्र सिंह, रमाकांत, शशिकांत, बलवंत राय, अमर सिंह गौतम, नाथूराम बौद्ध, मूलचंद्र, श्याम प्रकाश आदि रहे।
कर्तव्य और दायित्वों के तालमेल से ही विकास: डॉ. वंदना
उरई। दयानंद वैदिक महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में सतत विकास एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। अतिथि प्रवक्ता पीपीएन डिग्री कॉलेज कानपुर की अर्थशास्त्र विभाग की प्रभारी डॉ. वंदना द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं को शांत किया एवं अपने-अपने कर्तव्यों व दायित्वों से विकास की गति को उन्नत करने की बात कही। प्राचार्य डॉ. प्रोफेसर राजेश चंद्र पांडेय ने विकास की गति को साहित्य के परिपेक्ष में विश्लेषित करते हुए छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। डॉ. प्रोफेसर शैलजा गुप्ता ने आत्मनिर्भर बनने व देश को आगे बढ़ाने की बात की। संचालन अर्थशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ वर्षा राहुल ने किया। इस दौरान ऋषभ सचान, वैभव शुक्ला, डॉ. अलका रानी पुरवार आदि ने भी विचार रखे। (संवाद)
शिक्षा के साथ हुनर भी विकसित करने की जरूरत
उरई। दयानंद वैदिक कॉलेज में आईक्यूएसी व प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में इन्फोसिस द्वारा वित्तपोषित सेंटम फाउंडेशन के तहत 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. राजेश चंद्र पांडेय ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने का सुझाव दिया। आईक्यूएसी संयोजिका प्रोफेसर अलका रानी पुरवार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का परिचय एवं उद्देश्य बताते हुए कहा की आधुनिक युग शिक्षा के साथ-साथ किसी न किसी हुनर को विकसित करने का है। आईक्यूएसी उपसंयोजक डॉ. विजय कुमार चौधरी, प्रशिक्षण कार्यक्रम संयोजक डॉ. हर्ष कुमार गर्ग, डॉ. अंगद सिंह कुशवाहा, ट्रेनर शिवम कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. हरीश श्रीवास्तव, डॉ़. सुरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. रामकिशोर गुप्ता, डॉ. नगमा खानम, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. आलोक पाठक ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. नीति कुशवाहा ने किया। (संवाद)