उरई: मध्य प्रदेश की बारिश का जालौन में असर, माताटीला से पानी छोड़े जाने पर बढ़ी बेतवा
Orai News: मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद माताटीला बांध से छोड़े गए 52 हजार क्यूसेक पानी का असर जालौन में दिखाई देने लगा है।
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गुरुवार सुबह बेतवा नदी का जलस्तर बढ़कर 113.300 मीटर पहुंच गया। नदी में लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। सिंचाई विभाग के अनुसार बुधवार सुबह माताटीला बांध के 20 गेट खोलकर 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
राजघाट बांध से लगातार पानी की आवक होने के कारण माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ गया था। बांध से छोड़ा गया पानी गुरुवार सुबह जालौन की सीमा में पहुंचा, जिसके बाद बेतवा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई।
खतरे के निशान से 8.7 मीटर नीचे बेतवा
बेतवा नदी का चेतावनी स्तर 121 मीटर और खतरे का निशान 122 मीटर है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 8.7 मीटर नीचे है। हालांकि, पानी लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, यदि मध्य प्रदेश में बारिश जारी रही और बांधों से पानी की आवक बढ़ी तो बेतवा का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है।
नदी किनारे गांवों में लेखपाल तैनात
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। डकोर ब्लॉक के मुहाना, कोटरा, जैसारी, गुढ़ा, सिमरिया और ददरी समेत आसपास के गांवों में लेखपालों को तैनात किया गया है। उन्हें नदी के जलस्तर और गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी और उसके आसपास जाने से बचने की अपील की है। साथ ही पशुओं को नदी किनारे न ले जाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर रखने को कहा गया है।
24 घंटे जलस्तर पर नजर
सिंचाई विभाग के कर्मचारी बेतवा नदी के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी और बांधों से छोड़े जाने वाले पानी की जानकारी लगातार प्रशासन को दी जा रही है। संबंधित विभागों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल बेतवा नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। हालांकि, मध्य प्रदेश में जारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर पर प्रशासन की विशेष नजर बनी रहेगी।