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जालौन: श्मशान घाट नहीं मिला तो 10 किमी दूर प्रधान के दरवाजे पर रख दिया शव, ग्रामीणों का हंगामा

Thu, 27 Aug 2026 12:47 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,उरई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,उरई Published by: प्रसून शुक्ला Updated Thu, 27 Aug 2026 12:47 PM IST
सार

Orai News: गांव में श्मशान घाट न होने और बारिश के कारण अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

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Villagers Protest Over Lack of Cremation Ground, Place Dead Body at Pradhan's Door
प्रधान के दरवाजे पर रखा शव - फोटो : amar ujala

विस्तार

ग्रामीण शव को लेकर करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत के मुख्य गांव खेराव पहुंचे और ग्राम प्रधान के घर के दरवाजे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने गांव में जल्द श्मशान घाट बनवाने की मांग की।

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नदीगांव विकासखंड के ग्राम खेरावर के मजरा व्यौना रियासत निवासी अरविंद्र उर्फ रिंकू जाटव (38) का बुधवार शाम कैंसर की बीमारी के चलते निधन हो गया था। गुरुवार को परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे, लेकिन लगातार बारिश के कारण गांव का श्मशान घाट और वहां जाने वाला रास्ता पानी से लबालब था। अंतिम संस्कार के लिए गांव में दूसरी कोई जगह भी उपलब्ध नहीं थी।

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शव लेकर प्रधान के घर पहुंचे ग्रामीण

अंतिम संस्कार में आ रही परेशानी से नाराज ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में शव लेकर करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम खेरावर पहुंचे। यहां उन्होंने ग्राम प्रधान सावित्री देवी के घर के दरवाजे पर शव रख दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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ग्रामीणों का कहना था कि गांव में श्मशान घाट की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार किसी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता भी जलभराव के कारण बंद हो जाता है।

श्मशान घाट बनवाने की मांग

ग्रामीणों ने मांग की कि व्यौना रियासत में जल्द से जल्द श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए और वहां तक पहुंचने के लिए रास्ते की भी उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना था कि भविष्य में किसी की मृत्यु होने पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए इस तरह परेशान न होना पड़े।

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