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वेब सीरीज पाताल लोक को लेकर भाजपा में रार
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वेब सीरीज पाताल लोक को लेकर भाजपा में रार
संघ के जिला प्रचारक ने भी भाजपा पर साधा निशाना
सोशल मीडिया पर मसला वायरल होने पर फेसबुक से हटाईं पोस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। अनुष्का शर्मा निर्मित वेब सीरीज पाताल लोक को लेकर जिले के भाजपाइयों में रार हो गई है। एफआईआर कराके सिने सीरीज के खिलाफ स्वर मुखर करने पर पदाधिकारी एक राय नहीं हो पा रहे हैं। भाजपाइयों के ढीले रुख पर आरएसएस के जिला प्रचारक को भी दखल देना पड़ा। फेसबुक पर पोस्ट में उन्होंने दो विधायकों पर कार्यकर्ताओं की न सुनने और अपने खास में घिरे रहने पर चिंता जाहिर की है। जिलाध्यक्ष के रवैये पर भी आपत्ति की है। हालांकि यह मामला सोशल मीडिया और लोगों के बीच चर्चा में आने पर ऐसी पोस्ट को डिलीट कर दिया।
इस बाबत पूछने पर आरएसएस के जिला प्रचारक दीपक खुलकर नहीं बोले। कहा, पारिवारिक मामला है, जिसे बैठकर निपटा लिया जाएगा।
दूसरी ओर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि हो सकता है कि वेब सीरीज पर एफआईआर को लेकर नाराजगी हो। इस बारे में विहिप के एक नेता ने भी मुझसे बात की थी। मेरा जवाब था कि जिलाध्यक्ष कोई कार्यकर्ता तय करेंगे, तभी उसे वादी बनाकर एफआईआर कराई जा सकती है। रही बात गलत लोगों के साथ बैठने की तो ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह बना ने कहा कि हो सकता है कि प्रचारक की आईडी हैक हुई हो। मैंने पोस्ट देखनी चाही तो नजर नहीं आई। पोस्ट पर अगर लिखा गया था कि जिलाध्यक्ष विधायकों की जेब में हैं तो बताना चाहूंगा कि दो दिन पहले जिन दो व्यक्तियों को पार्टी से बाहर किया गया है, वे भी विधायक के ही लोग बताए जाते हैं। फिर आरोप कैसे लग सकते हैं।
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संघ के जिला प्रचारक ने भी भाजपा पर साधा निशाना
सोशल मीडिया पर मसला वायरल होने पर फेसबुक से हटाईं पोस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। अनुष्का शर्मा निर्मित वेब सीरीज पाताल लोक को लेकर जिले के भाजपाइयों में रार हो गई है। एफआईआर कराके सिने सीरीज के खिलाफ स्वर मुखर करने पर पदाधिकारी एक राय नहीं हो पा रहे हैं। भाजपाइयों के ढीले रुख पर आरएसएस के जिला प्रचारक को भी दखल देना पड़ा। फेसबुक पर पोस्ट में उन्होंने दो विधायकों पर कार्यकर्ताओं की न सुनने और अपने खास में घिरे रहने पर चिंता जाहिर की है। जिलाध्यक्ष के रवैये पर भी आपत्ति की है। हालांकि यह मामला सोशल मीडिया और लोगों के बीच चर्चा में आने पर ऐसी पोस्ट को डिलीट कर दिया।
इस बाबत पूछने पर आरएसएस के जिला प्रचारक दीपक खुलकर नहीं बोले। कहा, पारिवारिक मामला है, जिसे बैठकर निपटा लिया जाएगा।
दूसरी ओर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि हो सकता है कि वेब सीरीज पर एफआईआर को लेकर नाराजगी हो। इस बारे में विहिप के एक नेता ने भी मुझसे बात की थी। मेरा जवाब था कि जिलाध्यक्ष कोई कार्यकर्ता तय करेंगे, तभी उसे वादी बनाकर एफआईआर कराई जा सकती है। रही बात गलत लोगों के साथ बैठने की तो ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं।
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भाजपा जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह बना ने कहा कि हो सकता है कि प्रचारक की आईडी हैक हुई हो। मैंने पोस्ट देखनी चाही तो नजर नहीं आई। पोस्ट पर अगर लिखा गया था कि जिलाध्यक्ष विधायकों की जेब में हैं तो बताना चाहूंगा कि दो दिन पहले जिन दो व्यक्तियों को पार्टी से बाहर किया गया है, वे भी विधायक के ही लोग बताए जाते हैं। फिर आरोप कैसे लग सकते हैं।
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