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Jalaun News: रेबीज जानलेवा, वैक्सीन लगवाने में न करें लापरवाही
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उरई। विश्व रेबीज दिवस पर जिला अस्पताल के सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कहा कि रेबीज जानलेवा है, इसलिए कुत्ता काटने पर तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एसडी चौधरी ने कहा कि किसी कुत्ते के चाटने से भी रेबीज का खतरा हो सकता है। इसलिए इससे बचे। सरकार ने 2030 तक रेबीज मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण, नसबंदी, और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि किसी जानवर के हमले को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हाल में ही कई हादसे हुए हो जो साबित करते है कि लापरवाही के कारण उनकी जान चली गई। एंटी रेबीज लेना जरूरी है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज क्लीनिक संचालित हो रहा है। डॉ. मानवेंद्र सिंह, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. हाशिम अंसारी, डॉ. पंकज वर्मा, एमडी राजपूत ने कहा कि रेबीज से ग्रसित जानवर कुत्ता एवं बिल्ली आदि के काटने या खरोंच से मनुष्य में रेबीज हो सकता सकता है। काटने वाले घाव पर मिर्च, सरसों का तेल या कोई अन्य पदार्थ न लगाएं। घाव को तुरंत साबुन व पानी से 15 मिनट तक धोए और टाइट ड्रेसिंग न करें। एंटी रेबीज टीकाकरण का कोर्स पूरा करें। इस दौरान जेबी सिंह, महेश कुमार, दिनेश कुमार,सीके बुधौलिया, राहुल अग्निहोत्री, पवन विश्नोई, एमके बाथम आदि मौजूद रहे।
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के नाक कान गला विभाग की ओर से गले में होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूक किया गया। ओपीडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके राठौर ने गले से जुड़ी समस्याओं में प्रमुख गले के कैंसर के लक्षण बताए। कहा कि गले में लंबे समय से आवाज का बदल जाना, खाना व पानी निगलने में समस्या होना, गले में गांठ का होना आदि कैंसर के लक्षण है। इसका समय रहते इलाज कराना जरूरी है। उन्होंने गुटका, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट का सेवन न करने की सलाह दी। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. चरक सांगवान, डॉ. जयपाल सिंह, डॉ. रतिभान, डॉ. प्रियंका एवं जूनियर रेजीडेंट आदि रहे। (संवाद)
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सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि किसी जानवर के हमले को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हाल में ही कई हादसे हुए हो जो साबित करते है कि लापरवाही के कारण उनकी जान चली गई। एंटी रेबीज लेना जरूरी है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज क्लीनिक संचालित हो रहा है। डॉ. मानवेंद्र सिंह, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. हाशिम अंसारी, डॉ. पंकज वर्मा, एमडी राजपूत ने कहा कि रेबीज से ग्रसित जानवर कुत्ता एवं बिल्ली आदि के काटने या खरोंच से मनुष्य में रेबीज हो सकता सकता है। काटने वाले घाव पर मिर्च, सरसों का तेल या कोई अन्य पदार्थ न लगाएं। घाव को तुरंत साबुन व पानी से 15 मिनट तक धोए और टाइट ड्रेसिंग न करें। एंटी रेबीज टीकाकरण का कोर्स पूरा करें। इस दौरान जेबी सिंह, महेश कुमार, दिनेश कुमार,सीके बुधौलिया, राहुल अग्निहोत्री, पवन विश्नोई, एमके बाथम आदि मौजूद रहे।
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स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के नाक कान गला विभाग की ओर से गले में होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूक किया गया। ओपीडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके राठौर ने गले से जुड़ी समस्याओं में प्रमुख गले के कैंसर के लक्षण बताए। कहा कि गले में लंबे समय से आवाज का बदल जाना, खाना व पानी निगलने में समस्या होना, गले में गांठ का होना आदि कैंसर के लक्षण है। इसका समय रहते इलाज कराना जरूरी है। उन्होंने गुटका, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट का सेवन न करने की सलाह दी। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. चरक सांगवान, डॉ. जयपाल सिंह, डॉ. रतिभान, डॉ. प्रियंका एवं जूनियर रेजीडेंट आदि रहे। (संवाद)
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