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तंबाकू का सेवन छ़ोड़े जिंदगी से नाता जोड़े
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उरई। तंबाकू का सेवन सेहत और पर्यावरण के लिए खतरनाक है। इसके सेवन से हार्ट अटैक, कैंसर जैसी बीमारियां होती है।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा का कहना है कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन के प्रति जागरूक करना है। तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभाव बताने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है। नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है तंबाकू सेवन की बढ़ती लत खतरनाक है।
जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार तृप्ति यादव के मुताबिक जिले के सरकारी कार्यालय, विद्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया है।
काउंसलिंग के बाद 141 ने छोड़ी तंबाकू की लत
जिला अस्पताल के कमरा नंबर 14 में तंबाकू नियंत्रण कक्ष संचालित है। यहां वर्ष 2019-20 में तंबाकू के लती 742 पुरुष, 229 महिलाओं ने पंजीकरण कराया। इसमें दो 18 साल से कम आयु के 2 थे। कुल 973 लोगों का पंजीकरण किया गया। इसमें 51 ने तंबाकू का सेवन बंद कर दिया। इसी तरह वर्ष 2020-21 में 409 पुरुष, 122 महिलाओं और तीन किशोरों ने पंजीकरण कराया। इस साल 534 में से 43 ने लत छोड़ दी है। इसी तरह 2021-22 में 318 पुरुष, 115 महिला और तीन किशोरों ने तंबाकू लत छोडने की इच्छा जाहिर करते हुए पंजीकरण कराया। इस साल 436 ने पंजीकरण कराया और 47 ने लत छोड़ दी।
तंबाकू नियंत्रण कक्ष के सलाहकार महेश कुमार ने बताया कि तीन साल में जिला अस्पताल में कुल 1943 ने पंजीकरण कराया और 141 ने लत छोड़ दी।
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सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा का कहना है कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन के प्रति जागरूक करना है। तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभाव बताने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है। नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है तंबाकू सेवन की बढ़ती लत खतरनाक है।
जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार तृप्ति यादव के मुताबिक जिले के सरकारी कार्यालय, विद्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया है।
काउंसलिंग के बाद 141 ने छोड़ी तंबाकू की लत
जिला अस्पताल के कमरा नंबर 14 में तंबाकू नियंत्रण कक्ष संचालित है। यहां वर्ष 2019-20 में तंबाकू के लती 742 पुरुष, 229 महिलाओं ने पंजीकरण कराया। इसमें दो 18 साल से कम आयु के 2 थे। कुल 973 लोगों का पंजीकरण किया गया। इसमें 51 ने तंबाकू का सेवन बंद कर दिया। इसी तरह वर्ष 2020-21 में 409 पुरुष, 122 महिलाओं और तीन किशोरों ने पंजीकरण कराया। इस साल 534 में से 43 ने लत छोड़ दी है। इसी तरह 2021-22 में 318 पुरुष, 115 महिला और तीन किशोरों ने तंबाकू लत छोडने की इच्छा जाहिर करते हुए पंजीकरण कराया। इस साल 436 ने पंजीकरण कराया और 47 ने लत छोड़ दी।
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तंबाकू नियंत्रण कक्ष के सलाहकार महेश कुमार ने बताया कि तीन साल में जिला अस्पताल में कुल 1943 ने पंजीकरण कराया और 141 ने लत छोड़ दी।