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Jalaun News: बिजली गुल... भीषण गर्मी रात भर जगा रही
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फोटाे - 19 समय से पानी न मिलने पर सूखती मूंग की फसल। संवाद
उरई/जालौन। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आ रही है। शहर से लेकर गांव तक अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग से लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं और घरों से बाहर बैठने के लिए मजबूर हैं। (संवाद)
सिरसा कलार क्षेत्र में रातभर कटौती
सिरसा कलार बिजलीघर से जुड़े करीब 30 गांवों में बुधवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही। ग्रामीणों के अनुसार रात 9:45 बजे बिजली गई और करीब एक घंटे बाद सप्लाई बहाल हुई, लेकिन इसके बाद भी रातभर कटौती का सिलसिला जारी रहा। कभी 12 बजे, कभी 3 बजे बिजली गुल होने से लोगों की नींद हराम हो गई।
ग्रामीण रविंद्र, दिनेश, रिंकू, राम विजय और वीर सिंह ने बताया कि गर्मी इतनी अधिक है कि घर के अंदर रहना मुश्किल हो जाता है। बिजली न रहने पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और पूरी रात बाहर बैठकर गुजारनी पड़ती है। (संवाद)
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सरावन क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित
सरावन पावर हाउस से जुड़े तीन दर्जन से अधिक गांवों में भी बिजली संकट गहराया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे दिन में मुश्किल से आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है, वह भी टुकड़ों में। बिजली कटौती के कारण मूंग की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही, जिससे भीषण गर्मी और लू के चलते फसल सूखने लगी है।
जर्जर लाइन बनी पहाड़गांव की बड़ी समस्या
पिंडारी पावर हाउस से जुड़े पहाड़गांव क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बिजली व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीणों का कहना है कि पांच दशक पुरानी जर्जर लाइनें थोड़ी सी हवा चलते ही टूट जाती हैं। किसानों कुलदीप, अखिलेश पटेल, राकेश पटेल, बलराम यादव और विवेक पचौरी ने बताया कि बिजली कटौती से न सिर्फ जनजीवन प्रभावित है बल्कि मूंग की फसल भी सूख रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बिजली उपकेंद्र का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एक फेज से परेशान मोहल्लेवासी
सिरसा कलार कस्बे की मस्जिद वाली गली में पिछले करीब एक महीने से एक फेज की बिजली नहीं आ रही है। स्थानीय निवासी वीर सिंह, दीपक सिंह, पवन, आलोक, इकबाल और शमी खान ने बताया कि शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। 1076 पर शिकायत के बाद भी कागजों में फर्जी समाधान दिखा दिया गया। लोगों का कहना है कि पंखे, कूलर और फ्रिज तक नहीं चल पा रहे हैं।
आटा में ट्रांसफार्मर में लगी आग
आटा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 14 गांवों में भी बिजली संकट चरम पर है। बुधवार रात कटौती के बीच छोटी माता मंदिर के पास रखे ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिससे केबल बॉक्स और केबलें जल गए। मरम्मत कार्य के बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से दिन और रात में लगातार अंधाधुंध कटौती की जा रही है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जेई नवनीत अग्रवाल ने बताया कि रोस्टर के अनुसार ही कटौती की जा रही है। फॉल्ट आते हैं तो ठीक करा दिए जाते हैं।
जालौन नगर में नए बिजलीघर की मांग तेज
जालौन नगर में भी बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। नगर के लोगों ने ग्राम लौना में बन रहे नए बिजलीघर का कार्य जल्द पूरा कराने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी अशफाक राईन ने ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि नया बिजलीघर शुरू होने से नगर का बिजली भार बंट जाएगा और लोगों को ट्रिपिंग, लो वोल्टेज व फाल्ट जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। साथ ही पुराने उपकरण बदलने की भी मांग की गई है।
सबसे बड़ी समस्या लोगों द्वारा सही लोड न बताना है। विभागीय रिकॉर्ड के हिसाब से ट्रांसफार्मर की क्षमता रखी गई है। अब अचानक से लोड बढ़ रहा है, तो मशीनरी फेल हो रही है। लोग स्वयं से अपना लोड घोषित करें, ताकि उसी हिसाब से व्यवस्था बनाई जा सके।
- जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता
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सिरसा कलार क्षेत्र में रातभर कटौती
सिरसा कलार बिजलीघर से जुड़े करीब 30 गांवों में बुधवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही। ग्रामीणों के अनुसार रात 9:45 बजे बिजली गई और करीब एक घंटे बाद सप्लाई बहाल हुई, लेकिन इसके बाद भी रातभर कटौती का सिलसिला जारी रहा। कभी 12 बजे, कभी 3 बजे बिजली गुल होने से लोगों की नींद हराम हो गई।
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ग्रामीण रविंद्र, दिनेश, रिंकू, राम विजय और वीर सिंह ने बताया कि गर्मी इतनी अधिक है कि घर के अंदर रहना मुश्किल हो जाता है। बिजली न रहने पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और पूरी रात बाहर बैठकर गुजारनी पड़ती है। (संवाद)
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सरावन क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित
सरावन पावर हाउस से जुड़े तीन दर्जन से अधिक गांवों में भी बिजली संकट गहराया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे दिन में मुश्किल से आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है, वह भी टुकड़ों में। बिजली कटौती के कारण मूंग की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही, जिससे भीषण गर्मी और लू के चलते फसल सूखने लगी है।
जर्जर लाइन बनी पहाड़गांव की बड़ी समस्या
पिंडारी पावर हाउस से जुड़े पहाड़गांव क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बिजली व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीणों का कहना है कि पांच दशक पुरानी जर्जर लाइनें थोड़ी सी हवा चलते ही टूट जाती हैं। किसानों कुलदीप, अखिलेश पटेल, राकेश पटेल, बलराम यादव और विवेक पचौरी ने बताया कि बिजली कटौती से न सिर्फ जनजीवन प्रभावित है बल्कि मूंग की फसल भी सूख रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बिजली उपकेंद्र का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एक फेज से परेशान मोहल्लेवासी
सिरसा कलार कस्बे की मस्जिद वाली गली में पिछले करीब एक महीने से एक फेज की बिजली नहीं आ रही है। स्थानीय निवासी वीर सिंह, दीपक सिंह, पवन, आलोक, इकबाल और शमी खान ने बताया कि शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। 1076 पर शिकायत के बाद भी कागजों में फर्जी समाधान दिखा दिया गया। लोगों का कहना है कि पंखे, कूलर और फ्रिज तक नहीं चल पा रहे हैं।
आटा में ट्रांसफार्मर में लगी आग
आटा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 14 गांवों में भी बिजली संकट चरम पर है। बुधवार रात कटौती के बीच छोटी माता मंदिर के पास रखे ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिससे केबल बॉक्स और केबलें जल गए। मरम्मत कार्य के बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से दिन और रात में लगातार अंधाधुंध कटौती की जा रही है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जेई नवनीत अग्रवाल ने बताया कि रोस्टर के अनुसार ही कटौती की जा रही है। फॉल्ट आते हैं तो ठीक करा दिए जाते हैं।
जालौन नगर में नए बिजलीघर की मांग तेज
जालौन नगर में भी बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। नगर के लोगों ने ग्राम लौना में बन रहे नए बिजलीघर का कार्य जल्द पूरा कराने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी अशफाक राईन ने ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि नया बिजलीघर शुरू होने से नगर का बिजली भार बंट जाएगा और लोगों को ट्रिपिंग, लो वोल्टेज व फाल्ट जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। साथ ही पुराने उपकरण बदलने की भी मांग की गई है।
सबसे बड़ी समस्या लोगों द्वारा सही लोड न बताना है। विभागीय रिकॉर्ड के हिसाब से ट्रांसफार्मर की क्षमता रखी गई है। अब अचानक से लोड बढ़ रहा है, तो मशीनरी फेल हो रही है। लोग स्वयं से अपना लोड घोषित करें, ताकि उसी हिसाब से व्यवस्था बनाई जा सके।
- जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता

फोटाे - 19 समय से पानी न मिलने पर सूखती मूंग की फसल। संवाद