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गरीब खाली हाथ, राहत पैकेट भी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 20 Apr 2016 10:44 PM IST
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ज्ञापन सौंपने जाते शहजादेपुर के अंत्योदयकार्ड धारक
- फोटो : अमर उजाला
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गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले खाली हाथ हैं। चार माह पहले तक जिन्हें राशन की दुकान पर खाद्य सामग्री मिलती थी आज उन्हें दुत्कारा जा रहा है। समाजवादी राहत पैकेट भी नहीं मिला तो बुधवार को कुठौंद ब्लाक के शहजादेपुर, मुहम्मदपुर के 50 लोगों ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें कहा गया कि कोटेदार
इंटरनेट पर नाम दर्ज कराने के लिए सुविधा शुल्क मांग रहा है। कई लोगों के कार्ड भी जमा किए है। कलेक्ट्रेट पहुंचे तिलक सिंह, जगत, सुरेश, लल्लू, नरेंद्र, रामकिशुन, तेज सिंह ने बताया कि उनके नाम से अंत्योदय कार्ड बना हुआ है। वर्ष 2002 से उन्हें राशन मिल रहा था लेकिन चार माह से मिलना बंद हो गया। हाल में ही समाजवादी राहत पैकेट भी नहीं दिया
गया। इसके अलावा भोले, फूलशाह, रविंद्र, बत्तूलाल ने भी कोटेदार पर मनमानी का आरोप लगाया और कहा कि इंटरनेट की सूची में नाम चढ़ाने के नाम पर एक हजार रुपये की मांग की जा रही है। ग्राम पंचायत में 30 अंत्योदय कार्ड धारक और 12 बीपीएल कार्ड धारक परेशान हैं। इन लोगों का कहना है कि जबसे गांव की सरकार बदली है तबसे उन्हें परेशान किया जा
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रहा है। कई नए लोगों को राशन दिया जा रहा है जो पात्रता की श्रेणी में नहीं हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों ने कहा कि मामले की जांच कराई जाए। जो कार्ड कोटेदार ने जमा कर रखे हैं वह लौटाए जाएं। ग्रामीणों ने कहा कि मामले पर अफसर गंभीर नहीं हुए तो वह कमिश्नर से भी शिकायत करेंगे।
वर्जन
अंत्योदय कार्ड धारकों की सूची इंटरनेट पर दर्ज की जा रही है। सत्यापन में जो नाम गलत पाए गए है उन्हें हटाया भी जा रहा है। शहजादेपुर में इतनी बड़ी संख्या में अंत्योदय व बीपीएल श्रेणी के परिवारों को राशन नहीं मिल रहा तो इस मामले की क्षेत्रीय निरीक्षक से जांच कराएंगे। राशन विक्रेता अगर दोषी पाया जाता है तो कोटा निरस्त किया जाएगा। - गिरीश कुमार शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी
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इंटरनेट पर नाम दर्ज कराने के लिए सुविधा शुल्क मांग रहा है। कई लोगों के कार्ड भी जमा किए है। कलेक्ट्रेट पहुंचे तिलक सिंह, जगत, सुरेश, लल्लू, नरेंद्र, रामकिशुन, तेज सिंह ने बताया कि उनके नाम से अंत्योदय कार्ड बना हुआ है। वर्ष 2002 से उन्हें राशन मिल रहा था लेकिन चार माह से मिलना बंद हो गया। हाल में ही समाजवादी राहत पैकेट भी नहीं दिया
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गया। इसके अलावा भोले, फूलशाह, रविंद्र, बत्तूलाल ने भी कोटेदार पर मनमानी का आरोप लगाया और कहा कि इंटरनेट की सूची में नाम चढ़ाने के नाम पर एक हजार रुपये की मांग की जा रही है। ग्राम पंचायत में 30 अंत्योदय कार्ड धारक और 12 बीपीएल कार्ड धारक परेशान हैं। इन लोगों का कहना है कि जबसे गांव की सरकार बदली है तबसे उन्हें परेशान किया जा
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रहा है। कई नए लोगों को राशन दिया जा रहा है जो पात्रता की श्रेणी में नहीं हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों ने कहा कि मामले की जांच कराई जाए। जो कार्ड कोटेदार ने जमा कर रखे हैं वह लौटाए जाएं। ग्रामीणों ने कहा कि मामले पर अफसर गंभीर नहीं हुए तो वह कमिश्नर से भी शिकायत करेंगे।
वर्जन
अंत्योदय कार्ड धारकों की सूची इंटरनेट पर दर्ज की जा रही है। सत्यापन में जो नाम गलत पाए गए है उन्हें हटाया भी जा रहा है। शहजादेपुर में इतनी बड़ी संख्या में अंत्योदय व बीपीएल श्रेणी के परिवारों को राशन नहीं मिल रहा तो इस मामले की क्षेत्रीय निरीक्षक से जांच कराएंगे। राशन विक्रेता अगर दोषी पाया जाता है तो कोटा निरस्त किया जाएगा। - गिरीश कुमार शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी