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सियासत गर्माई, छेड़खानी के बिंदु पर जांच शुरू
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मृतका नीशू के पिता कल्लू़ जानकारी लेते विधायक गौरीशंकर वर्मा व अन्य
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। दो दिन से नीशू की मौत की जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही पुलिस रविवार को परिजनों की उस तहरीर को ही मुख्य बिंदु मानकर जांच शुरू की, जिसमें मोबाइल की दुकान पर चार युवकों की ओर से की गई छेड़खानी का जिक्र है। नीशू की सहेलियों का कहना है कि प्रताड़ना के साथ युवकों द्वारा की गई छेड़खानी पर भी सवाल-जवाब किए गए। वहीं एएसपी डॉक्टर अवधेश सिंह का कहना है कि तहरीर भी जांच का बिंदु है। उधर, युवती के आत्महत्या मामले में जिले से लेकर प्रदेश तक की सियासत भी गर्मा गई है।
शनिवार की रात हो या रविवार का पूरा दिन पुलिस अफसरानों का मोहिनी और शिवानी से पूछताछ का एक बिंदु छेड़खानी भी रहा। रविवार को मोहनी और शिवानी से हुई पूछताछ के सवाल भी कुछ ऐसे थे कि जिन लड़कों ने फोटो खींचने और छेड़खानी का प्रयास किया, क्या उन्हें वे पहले से जानती हैं, उनके नाम क्या हैं, कभी कोई धमकी तो नहीं मिली आदि-आदि। मोहिनी और शिवानी के मुताबिक, जांच के दौरान मोबाइल की दुकान से चोरी पर्स और उसमें रखे पासपोर्ट से जुड़े सवाल शुक्रवार को जो कोतवाली में बैठाकर पूछे जा रहे थे, उनकी संख्या कम हो गई थी।
बीच में इतना जरूर पूछा गया कि किस पुलिसकर्मी ने मारा, मारा तो कहां चोट लगी। जिस पर मोहिनी और शिवानी दोनों का ही जवाब था कि पर्स के बारे में शुक्रवार के दिन मुख्य पूछताछ नीशू से ही की जा रही थी। लड़कों को पहले से नहीं जानती। लड़कों ने फोटो क्यों खींची थी, यह भी नहीं बता सकती हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीशू के शरीर पर चोट की बात सामने नहीं आई है। मोहिनी और शिवानी को भी चोटें नहीं हैं। एएसपी का कहना है कि वे और एडीएम जांच कर रहे हैं, जांच पूरी होने के बाद कुछ कहा जा सकता है।
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शक नीशू पर तो मोहिनी, शिवानी का दोष क्या
शिवानी और मोहिनी दोनों का कहना है कि मामला चोरी का हो या छेड़खानी का, उन दोनों का कोई लेना देना नहीं था। वे तो सिर्फ रास्ते में मिली नीशू संग मोबाइल की दुकान पर शिवानी का मोबाइल ही ठीक कराने गई थी और फिर वहीं से हंगामा शुरू हो गया। कोतवाली में भी पर्स को लेकर सबसे अधिक सवाल जवाब नीशू से ही किए गए। इसके बाद भी पुलिस उन दोनों को भी रात तक कोतवाली में ही बैठाए रही।
बोला महेंद्र, पत्नी शिवानी से मिलने नहीं दिया
सीएमओ आफिस में मौजूद शिवानी के पति महेंद्र ने बताया कि पत्नी मोबाइल ठीक कराने के रुपये लेकर घर से निकली थी। शुक्रवार की दोपहर ई-रिक्शा चालक साले ने ही उसे शिवानी के कोतवाली पहुंचने की जानकारी दी। इसके बाद वह कोतवाली पहुंच गया और शाम तक कई बार पत्नी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मिलने नहीं दिया और फिर रात को शिवानी को छोड़ा।
सीएमओ ने कुछ लिखा और कुछ नहीं : मोहिनी
उरई (जालौन)। पुलिस प्रताड़ना से आहत नीशू की सहेली मोहिनी के साथ रविवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी कोई कसर नहीं रख छोड़ी। सीएमओ दफ्तर बयान दर्ज कराने पहुंची मोहिनी का आरोप है कि मैडम ने उसके पूरे बयान ही दर्ज नहीं किए, उसकी कुछ बातें लिखीं और कुछ नहीं। वहीं सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि मोहिनी के आरोप निराधार हैं। गौरतलब हो कि नीशू की मौत के बाद हो रही मजिस्ट्रेटी जांच में अब मोहिनी और शिवानी के बयान महत्वपूर्ण हो गए हैं। रविवार को दोनों के अलग-अलग बयान दर्ज किए गए। दोपहर एक बजे के आसपास मोहिनी को सीएमओ आफिस बयान दर्ज कराने को भेजा गया। एक घंटे तक बयान दर्ज कराने के बाद बाहर निकली मोहिनी का कहना था कि मैडम ने कुछ बातें नोट कीं और कुछ नहीं, जब उसने बताया कि मोबाइल की दुकान से लाते गाड़ी में भी उन तीनों के साथ मारपीट की गई तो मैडम की कलम ही नहीं चली। अपनी हथेली दिखाते हुए मोहिनी ने बताया कि यहीं पर सिपाही ने बेल्ट मारी थी। ब्यूरो
सिपाहियों से भिड़ी मोहिनी की मां
मोहिनी से बंद कमरे में एक घंटे तक सीएमओ पूछताछ करती रहीं। इस पर बाहर बैठी उसकी मां गायत्री के सब्र का बांध टूट गया और शोर मचाते हुए सीधे सीएमओ के कमरे में जा घुसी। इस पर वहां मौजूद महिला सिपाही और महिला कांग्रेस की नेता शशि चौहान भी दौड़ पड़ी और खींचकर बाहर लाई। मां का कहना है कि बेटी से अकेले में क्यों इतनी लंबी पूछताछ की जा रही है। उसे भी वहां बैठाना चाहिए था। इस पर मां की सिपाहियों से मामूली झड़प भी हुई।
अफसरों की लंबी पूछताछ से मोहिनी, शिवानी सहमीं
शुक्रवार का पूरा दिन पुलिस की प्रताड़ना, शनिवार को साथी सहेली नीशू की मौत का गम और रविवार को अफसरों की लंबी-लंबी पूछताछ से मोहिनी और शिवानी काफी सहमी और परेशान थीं। रविवार को पूछताछ के लिए कभी कोतवाली तो कभी सीएमओ दफ्तर और कभी घर पर अधिकारियों के पहुंचने से पूरे दिन मोहिनी और शिवानी चकरघिन्नी बनी रहीं।
बहन बोली, कोई डकैत ही सिखाएगा दरोगा को सबक
नीशू का मोबाइल लेने रविवार की दोपहर भाई कल्याण के साथ बड़ी बहन वंदना कोतवाली पहुंची। पुलिस ने लिखापढ़ी कर नीशू का जब्त मोबाइल वंदना को थमा दिया। कोतवाली के अंदर से बाहर गेट तक आते-आते वंदना की आंखें एक बार फिर भर आई और दर्द उसके शब्दों से छलक पड़ा। वंदना बोली, दरोगा की वजह से उसकी बहन नीशू ने जान दी, लेकिन दरोगा को सजा क्या मिली सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। कहा कि किसी दिन कोई डकैत ही दरोगा को सही सबक सिखाएगा, तब हम लोगों के कलेजे को ठंडक मिलेगी। वंदना के मुताबिक, नीशू थोड़ी चंचल और फैशन करने की शौकीन थी, पर चोर नहीं थी। वह अपने शादी के सपने संजो रही थी, लेकिन इन पुलिस वालों ने उसके साथ ही उसकी सभी खुशियों को भी खत्म कर दिया।
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शनिवार की रात हो या रविवार का पूरा दिन पुलिस अफसरानों का मोहिनी और शिवानी से पूछताछ का एक बिंदु छेड़खानी भी रहा। रविवार को मोहनी और शिवानी से हुई पूछताछ के सवाल भी कुछ ऐसे थे कि जिन लड़कों ने फोटो खींचने और छेड़खानी का प्रयास किया, क्या उन्हें वे पहले से जानती हैं, उनके नाम क्या हैं, कभी कोई धमकी तो नहीं मिली आदि-आदि। मोहिनी और शिवानी के मुताबिक, जांच के दौरान मोबाइल की दुकान से चोरी पर्स और उसमें रखे पासपोर्ट से जुड़े सवाल शुक्रवार को जो कोतवाली में बैठाकर पूछे जा रहे थे, उनकी संख्या कम हो गई थी।
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बीच में इतना जरूर पूछा गया कि किस पुलिसकर्मी ने मारा, मारा तो कहां चोट लगी। जिस पर मोहिनी और शिवानी दोनों का ही जवाब था कि पर्स के बारे में शुक्रवार के दिन मुख्य पूछताछ नीशू से ही की जा रही थी। लड़कों को पहले से नहीं जानती। लड़कों ने फोटो क्यों खींची थी, यह भी नहीं बता सकती हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीशू के शरीर पर चोट की बात सामने नहीं आई है। मोहिनी और शिवानी को भी चोटें नहीं हैं। एएसपी का कहना है कि वे और एडीएम जांच कर रहे हैं, जांच पूरी होने के बाद कुछ कहा जा सकता है।
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शक नीशू पर तो मोहिनी, शिवानी का दोष क्या
शिवानी और मोहिनी दोनों का कहना है कि मामला चोरी का हो या छेड़खानी का, उन दोनों का कोई लेना देना नहीं था। वे तो सिर्फ रास्ते में मिली नीशू संग मोबाइल की दुकान पर शिवानी का मोबाइल ही ठीक कराने गई थी और फिर वहीं से हंगामा शुरू हो गया। कोतवाली में भी पर्स को लेकर सबसे अधिक सवाल जवाब नीशू से ही किए गए। इसके बाद भी पुलिस उन दोनों को भी रात तक कोतवाली में ही बैठाए रही।
बोला महेंद्र, पत्नी शिवानी से मिलने नहीं दिया
सीएमओ आफिस में मौजूद शिवानी के पति महेंद्र ने बताया कि पत्नी मोबाइल ठीक कराने के रुपये लेकर घर से निकली थी। शुक्रवार की दोपहर ई-रिक्शा चालक साले ने ही उसे शिवानी के कोतवाली पहुंचने की जानकारी दी। इसके बाद वह कोतवाली पहुंच गया और शाम तक कई बार पत्नी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मिलने नहीं दिया और फिर रात को शिवानी को छोड़ा।
सीएमओ ने कुछ लिखा और कुछ नहीं : मोहिनी
उरई (जालौन)। पुलिस प्रताड़ना से आहत नीशू की सहेली मोहिनी के साथ रविवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी कोई कसर नहीं रख छोड़ी। सीएमओ दफ्तर बयान दर्ज कराने पहुंची मोहिनी का आरोप है कि मैडम ने उसके पूरे बयान ही दर्ज नहीं किए, उसकी कुछ बातें लिखीं और कुछ नहीं। वहीं सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि मोहिनी के आरोप निराधार हैं। गौरतलब हो कि नीशू की मौत के बाद हो रही मजिस्ट्रेटी जांच में अब मोहिनी और शिवानी के बयान महत्वपूर्ण हो गए हैं। रविवार को दोनों के अलग-अलग बयान दर्ज किए गए। दोपहर एक बजे के आसपास मोहिनी को सीएमओ आफिस बयान दर्ज कराने को भेजा गया। एक घंटे तक बयान दर्ज कराने के बाद बाहर निकली मोहिनी का कहना था कि मैडम ने कुछ बातें नोट कीं और कुछ नहीं, जब उसने बताया कि मोबाइल की दुकान से लाते गाड़ी में भी उन तीनों के साथ मारपीट की गई तो मैडम की कलम ही नहीं चली। अपनी हथेली दिखाते हुए मोहिनी ने बताया कि यहीं पर सिपाही ने बेल्ट मारी थी। ब्यूरो
सिपाहियों से भिड़ी मोहिनी की मां
मोहिनी से बंद कमरे में एक घंटे तक सीएमओ पूछताछ करती रहीं। इस पर बाहर बैठी उसकी मां गायत्री के सब्र का बांध टूट गया और शोर मचाते हुए सीधे सीएमओ के कमरे में जा घुसी। इस पर वहां मौजूद महिला सिपाही और महिला कांग्रेस की नेता शशि चौहान भी दौड़ पड़ी और खींचकर बाहर लाई। मां का कहना है कि बेटी से अकेले में क्यों इतनी लंबी पूछताछ की जा रही है। उसे भी वहां बैठाना चाहिए था। इस पर मां की सिपाहियों से मामूली झड़प भी हुई।
अफसरों की लंबी पूछताछ से मोहिनी, शिवानी सहमीं
शुक्रवार का पूरा दिन पुलिस की प्रताड़ना, शनिवार को साथी सहेली नीशू की मौत का गम और रविवार को अफसरों की लंबी-लंबी पूछताछ से मोहिनी और शिवानी काफी सहमी और परेशान थीं। रविवार को पूछताछ के लिए कभी कोतवाली तो कभी सीएमओ दफ्तर और कभी घर पर अधिकारियों के पहुंचने से पूरे दिन मोहिनी और शिवानी चकरघिन्नी बनी रहीं।
बहन बोली, कोई डकैत ही सिखाएगा दरोगा को सबक
नीशू का मोबाइल लेने रविवार की दोपहर भाई कल्याण के साथ बड़ी बहन वंदना कोतवाली पहुंची। पुलिस ने लिखापढ़ी कर नीशू का जब्त मोबाइल वंदना को थमा दिया। कोतवाली के अंदर से बाहर गेट तक आते-आते वंदना की आंखें एक बार फिर भर आई और दर्द उसके शब्दों से छलक पड़ा। वंदना बोली, दरोगा की वजह से उसकी बहन नीशू ने जान दी, लेकिन दरोगा को सजा क्या मिली सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। कहा कि किसी दिन कोई डकैत ही दरोगा को सही सबक सिखाएगा, तब हम लोगों के कलेजे को ठंडक मिलेगी। वंदना के मुताबिक, नीशू थोड़ी चंचल और फैशन करने की शौकीन थी, पर चोर नहीं थी। वह अपने शादी के सपने संजो रही थी, लेकिन इन पुलिस वालों ने उसके साथ ही उसकी सभी खुशियों को भी खत्म कर दिया।

सीएमओ कार्यालय में बैठा शिवानी का पति महेंद्र- फोटो : ORAI

कोतवाली में एएसपी से बात करते सीओ व कोतवाल- फोटो : ORAI