{"_id":"6172ff17e3c451214d38ce45","slug":"outstanding-performers-awarded-orai-news-knp659792590","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित किए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित किए गए
विज्ञापन
मुहाना में टिशू झिझिया विवाह के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का फीता काटकर उद्घाटन करते पूर्व मंत्र
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्मदाबाद। टेंसू झिझियां विवाह कार्यक्रम के समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन पूर्व मंत्री दयाशंकर वर्मा ने फीता काटकर किया। इसके बाद शादी समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।
बुंदेलखंड की परंपरा का वर्षों से निर्वहन करते हुए टेंसू झिझियां विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें निकली शोभायात्रा में लोगों ने श्वांग की पुरानी परंपरा निभाकर विभिन्न प्रकार की कलाओं का प्रदर्शन किया। देर शाम राम विवाह स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री ग्राम प्रधान जीतू राजपूत ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि आधुनिक युग में पुरानी परंपरा से लोग दूर होते जा रहे हैं। पर ग्रामीण परिवेश के लोग आज भी पुरानी परंपराओं को निर्वहन कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सीख मिलती है। संचालन राजा राजपूत ने किया। इस दौरान पूर्व प्रधान वीरसिंह, शिवकुमार, फूलसिंह, मदन, देवेंद्र, पम्मी सेठ, पवन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बुंदेलखंड की परंपरा का वर्षों से निर्वहन करते हुए टेंसू झिझियां विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें निकली शोभायात्रा में लोगों ने श्वांग की पुरानी परंपरा निभाकर विभिन्न प्रकार की कलाओं का प्रदर्शन किया। देर शाम राम विवाह स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया गया।
विज्ञापन
इस दौरान मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री ग्राम प्रधान जीतू राजपूत ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि आधुनिक युग में पुरानी परंपरा से लोग दूर होते जा रहे हैं। पर ग्रामीण परिवेश के लोग आज भी पुरानी परंपराओं को निर्वहन कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सीख मिलती है। संचालन राजा राजपूत ने किया। इस दौरान पूर्व प्रधान वीरसिंह, शिवकुमार, फूलसिंह, मदन, देवेंद्र, पम्मी सेठ, पवन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।