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जिले में डेंगू की स्थिति नियंत्रण में, फिर भी रहे सतर्क
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उरई। देर से हुई बरसात के कारण अभी भी कहीं-कहीं पर जलभराव की स्थिति है। ऐसे में मच्छर पैदा होने की संभावनाएं हैं। प्रदेश के कुछ जनपदों में डेंगू मलेरिया के रोगी काफी संख्या बढ़ी है। हालांकि जनपद जालौन में स्थिति सामान्य है। छुटपुट 2-4 केस हैं। इस मौसम में डेंगू से पीडित पाए गए है। सभी स्वस्थ हो गए हैं।
सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि डेंगू मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास जलभराव न होने दें।
डेंगू का मच्छर साफ पानी से अंडे देता है। घरों में टूटे फूटे वर्तन, टायर, गमले कूलर, फिज में गंदा पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर सूर्योदय के 2 घंटे बाद तथा सूर्यास्त के 2 घंटे पहले ज्यादा काटता हैं। लिहाजा पूरे हाथ पैर ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग करें। घरों में मच्छर जाली, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। मच्छर निरोधी स्प्रे हिट, क्रीम, क्वाइल, आल आउट आदि का प्रयोग करें। बुखार
होने की स्थिति में नजदीकी, पीएचसी, सीएचसी या जिला चिकित्सालय में दिखाएं। सभी पीएचसी व सीएचसी पर जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। झोलाछाप को न दिखाए। बुखार के लिए मात्र पैरासीटामॉल का प्रयोग करें। एस्प्रीन, आईब्रूफेन, डिक्लोफेनिक तथा अन्य दर्दनाशक दवाईयां एवं स्टीरायड का प्रयोग न करें। शरीर में पानी की कमी न होने पाये। प्लेटलेटस की सामान्य रिपोर्ट के आधार पर
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अनावश्यक परेशान न हों। केवल दस से बीस प्रतिशत रोगियों में कुछ दिक्कतें होती है जिनको भर्ती करने की आवश्यकता होती हैं। डेंगू के मुख्य लक्षण तेज बुखार सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना तथा पेट दर्द आदि होता है समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह लें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। गांव गांव टीमें जाकर सैंपल ले रही है।
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सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि डेंगू मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास जलभराव न होने दें।
डेंगू का मच्छर साफ पानी से अंडे देता है। घरों में टूटे फूटे वर्तन, टायर, गमले कूलर, फिज में गंदा पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर सूर्योदय के 2 घंटे बाद तथा सूर्यास्त के 2 घंटे पहले ज्यादा काटता हैं। लिहाजा पूरे हाथ पैर ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग करें। घरों में मच्छर जाली, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। मच्छर निरोधी स्प्रे हिट, क्रीम, क्वाइल, आल आउट आदि का प्रयोग करें। बुखार
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होने की स्थिति में नजदीकी, पीएचसी, सीएचसी या जिला चिकित्सालय में दिखाएं। सभी पीएचसी व सीएचसी पर जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। झोलाछाप को न दिखाए। बुखार के लिए मात्र पैरासीटामॉल का प्रयोग करें। एस्प्रीन, आईब्रूफेन, डिक्लोफेनिक तथा अन्य दर्दनाशक दवाईयां एवं स्टीरायड का प्रयोग न करें। शरीर में पानी की कमी न होने पाये। प्लेटलेटस की सामान्य रिपोर्ट के आधार पर
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अनावश्यक परेशान न हों। केवल दस से बीस प्रतिशत रोगियों में कुछ दिक्कतें होती है जिनको भर्ती करने की आवश्यकता होती हैं। डेंगू के मुख्य लक्षण तेज बुखार सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना तथा पेट दर्द आदि होता है समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह लें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। गांव गांव टीमें जाकर सैंपल ले रही है।