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जांच समिति को देंगे षड़यंत्र और गुटबाजी के सबूत
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रिहाई के बाद भाई के घर पर मौजूद जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा।
- फोटो : ORAI
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उरई। छेडख़ानी के आरोपी कांग्रेस जिलाध्यक्ष मंगलवार की देर जमानत मिलने पर जेल से छूट गए। घर पहुंचने पर कहा कि गुटबाजी में उनके साथ षड़यंत्र हुआ है। इसके सुबूत जांच समिति को सौंपेंगे।
जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा ने कहा कि समर्पित कार्यकर्ता हैं, पार्टी नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी से सच्चाई से अवगत कराएंगे। प्रदेश अध्यक्ष को पूरा मामला ठीक तरह से पता है। उन्होंने कहा कि तीसरी बार उनके साथ षड़यंत्र किया गया। नौ साल पूर्व यूथ कांग्रेस की राजनीति के समय भी साजिश हुई थी।
डेढ़ माह पूर्व कांग्रेस दफ्तर में तोडफ़ोड़ की गई थी। मेरे पास सबूत हैं कि मारपीट के बाद किन-किन लोगों ने मारपीट करने वाली पूर्व पदाधिकारी के साथ बैठक की और एफआईआर कराने का षडय़ंत्र रचा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनकी जमानत सोमवार को ही हो गई थी लेकिन परवाने में पता गलत होने की वजह से जेल भेजा गया था।
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जांच टीम के समक्ष होगा आमना सामना
जिलाध्यक्ष के साथ हुई मारपीट की घटना के दो दिन बाद भी पार्टी की जांच समिति की टीम जनपद नहीं पहुंची। पार्टी नेताओं के मुताबिक बुधवार को टीम पार्टी कार्यालय आ सकती है और तभी जिलाध्यक्ष व पूर्व महिला पदाधिकारी का आमना सामना भी हो सकता है। इधर, सीओ सिटी संतोष कुमार ने बताया कि मामले से संबंधित दोनों पक्षों के बयान भी घटना के बाद ही दर्ज हो गए थे। अब सिर्फ जिलाध्यक्ष से लेनदेन के बारे में ही पूछताछ की जानी है।
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जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा ने कहा कि समर्पित कार्यकर्ता हैं, पार्टी नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी से सच्चाई से अवगत कराएंगे। प्रदेश अध्यक्ष को पूरा मामला ठीक तरह से पता है। उन्होंने कहा कि तीसरी बार उनके साथ षड़यंत्र किया गया। नौ साल पूर्व यूथ कांग्रेस की राजनीति के समय भी साजिश हुई थी।
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डेढ़ माह पूर्व कांग्रेस दफ्तर में तोडफ़ोड़ की गई थी। मेरे पास सबूत हैं कि मारपीट के बाद किन-किन लोगों ने मारपीट करने वाली पूर्व पदाधिकारी के साथ बैठक की और एफआईआर कराने का षडय़ंत्र रचा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनकी जमानत सोमवार को ही हो गई थी लेकिन परवाने में पता गलत होने की वजह से जेल भेजा गया था।
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जांच टीम के समक्ष होगा आमना सामना
जिलाध्यक्ष के साथ हुई मारपीट की घटना के दो दिन बाद भी पार्टी की जांच समिति की टीम जनपद नहीं पहुंची। पार्टी नेताओं के मुताबिक बुधवार को टीम पार्टी कार्यालय आ सकती है और तभी जिलाध्यक्ष व पूर्व महिला पदाधिकारी का आमना सामना भी हो सकता है। इधर, सीओ सिटी संतोष कुमार ने बताया कि मामले से संबंधित दोनों पक्षों के बयान भी घटना के बाद ही दर्ज हो गए थे। अब सिर्फ जिलाध्यक्ष से लेनदेन के बारे में ही पूछताछ की जानी है।