फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Only 37 percent of mothers are giving the first vaccine to the child immediately after birth

Jalaun News: 37 फीसदी प्रसूताएं ही दे रहीं जन्म के तुरंत बाद शिशु को पहला टीका

Tue, 05 Aug 2025 01:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 01:14 AM IST
विज्ञापन
Only 37 percent of mothers are giving the first vaccine to the child immediately after birth
उरई। एक से सात अगस्त के बीच चल रहे स्तनपान सप्ताह में स्तनपान को बढ़ावा देने का प्रयास किए जा रहे हैं। वैसे जिले में प्रसव के एक घंटे के भीतर मां का दूध शिशु को देने का औसत काफी कम है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) के अनुसार जिले में 37.3 फीसदी महिलाएं ही एक घंटे के अंदर बच्चों को स्तनपान कराती हैं। वहीं एचएफएचएस-4 में यह औसत 38.4 प्रतिशत था।
विज्ञापन


इस साल जिले में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 20772 प्रसव हुए। इसमें 20,245 ने एक घंटे के अंदर नवजात को प्रसव कराया है। जिले में जिला महिला अस्पताल के साथ फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) कोंच, कालपी, जालौन और माधौगढ़ में ब्रेस्ट फीडिंग कार्नर बनाया गया है। प्रचार प्रसार के अभाव में यह बेकार साबित हो रहा है। यह कार्नर सिर्फ कागजों में ही चल रहे हैं।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनआर वर्मा का कहना है कि जिला अस्पताल में प्रसव को आईं महिलाओं को ओपीडी में राउंड करते वक्त रोजाना स्तनपान के लाभों के बारे में बताया जाता है। साथ ही उन्हें नवजात का स्तनपान कराने का तरीका भी समझाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्तनपान शिशु का पहला टीका होता है। इससे शिशु को आवश्यकता अनुसार पोषण मिलता है। दस्त, निमोनिया, पीलिया जैसे संक्रमण से बचाव होता है। उनके मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा होता है। इसी तरह मां के स्वास्थ्य पर भी स्तनपान कराने का अनुकूल असर होता है। गर्भाशय के संकुचन के साथ रक्तस्राव का खतरा भी कम होता है। स्तन कैंसर जैसे खतरे भी कम हो जाते हैं। स्तनपान को लेकर किसी तरह का भ्रम न पालें।
विज्ञापन
विज्ञापन






स्तनपान कराने के लिए स्थान नियत होना चाहिए
एसीएमओ डॉ. एपी वर्मा का कहना है कि महिलाओं की निजता को देखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि स्तनपान कराने के लिए स्थान नियत किया जाए। जिला महिला अस्पताल के साथ चार एफआरयू में यह व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। स्तनपान सप्ताह आयोजित करने का उद्देश्य मातृ एवं शिशु के स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed