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पालिका दफ्तर के बगल से हटाया कब्जा
jalaun
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:10 AM IST
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पालिका की जमीन से कब्जा हटवाते एसडीएम व ईओ
- फोटो : अमर उजाला
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भू माफिया के खिलाफ अभियान की शुरुआत करते हुए पुलिस और पालिका प्रशासन ने एक जमीन के टुकड़े को कब्जे से मुक्त कराया गया है। पालिका ने इसका ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया है, जिसमें उसकी ऐसी फिलहाल 31 संपत्तियां हैं, जिन पर अवैध रूप से कब्जे हैं। एसडीएम सुरेश सोनी की अगुवाई में पालिका के ईओ और पूरी टीम ने कार्यालय के ठीक बगल में किए गए अबैध कब्जे को हटवा दिया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स भी मौजूद रहा।
एसडीएम सुरेश सोनी की अगुवाई और ईओ नपा रवीन्द्रकुमार की मौजूदगी में चले अभियान के अंतर्गत पालिका के ठीक बगल में भूखंड, जो कथित रूप से प्रांशु पुत्र अनिल निवासी पटेल नगर कोंच के कब्जे में बताया गया, पर से कब्जा हटवाया। कब्जा हटाने से पूर्व पालिका कर्मी और कब्जेदार के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। अनिल माहेश्वरी का कहना है कि जमीन उनके पूर्वजों ने पालिका को दी थी, इसके अलावा पालिका ने कुछ जमीन जल संस्थान को भी दिलवाई थी और वह सभी जमीन फिलहाल उनकी है।
इसके इतर पालिका का कहना है कि उक्त भूखंड उनके अभिलेखों में 1902 से बतौर नजूल सरकार केशर हिंद के नाम से दर्ज है।ं 1975 में पालिका ने ही जल संस्थान को 116 स्क्वायर मीटर दी थी, जिस पर अवैध कब्जा था। मामला कोर्ट में भी है।
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एसडीएम सुरेश सोनी की अगुवाई और ईओ नपा रवीन्द्रकुमार की मौजूदगी में चले अभियान के अंतर्गत पालिका के ठीक बगल में भूखंड, जो कथित रूप से प्रांशु पुत्र अनिल निवासी पटेल नगर कोंच के कब्जे में बताया गया, पर से कब्जा हटवाया। कब्जा हटाने से पूर्व पालिका कर्मी और कब्जेदार के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। अनिल माहेश्वरी का कहना है कि जमीन उनके पूर्वजों ने पालिका को दी थी, इसके अलावा पालिका ने कुछ जमीन जल संस्थान को भी दिलवाई थी और वह सभी जमीन फिलहाल उनकी है।
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इसके इतर पालिका का कहना है कि उक्त भूखंड उनके अभिलेखों में 1902 से बतौर नजूल सरकार केशर हिंद के नाम से दर्ज है।ं 1975 में पालिका ने ही जल संस्थान को 116 स्क्वायर मीटर दी थी, जिस पर अवैध कब्जा था। मामला कोर्ट में भी है।
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