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न बसों में सुरक्षा, न बस स्टेशन पर जागरुकता
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बसों में बिना मास्क चढते व उतरते यात्री
- फोटो : ORAI
उरई। कोरोना से बचने के लिए सावधानी जरूरी है लेकिन इधर मरीजों की संख्या में आई लगातार कमी को देखते हुए लोगों में लापरवाही बढ़ी है। ऐसे में बड़ी बात नहीं है कि जिले में भी कोरोना मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाए। स्वास्थ्य विभाग भले रात-दिन एक कर रहा हो लेकिन कई अन्य विभाग लापरवाही कर रहे हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भी बस अड्डे पर जांच के नाम पर खानापूरी खतरनाक साबित हो सकती है। न तो दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और न ही बसों में सैनेटाइजिंग की कोई व्यवस्था है। कई बसों के चालक-परिचालक बिना मास्क ही टिकट बनाते या गाड़ी चलाते दिख रहे हैं। बस अड्डे पर लगी सैनिटाइजेशन मशीन भी यूं बंद पड़ी हुई है कि मानो कोरोना जिले से खत्म हो चुका हो। ऐसे में यात्री भगवान भरोसे हैं।
उधर, उरई डिपो के प्रभारी बीके द्विवेदी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपने क्षेत्र में यूपी की बसों का आने से रोक दिया है। हालांकि बार्डर के उस तरफ आनंद बिहार बस अड्डा है। उन्होंने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग की लेकर यात्री विवाद करते हैं। हालांकि एक कर्मचारी की तैनाती है जो रजिस्टर में यात्रियों का नाम पता जरूर नोट करता है।
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उरई से दिल्ली के लिए रोजाना 12 से 15 बसों की आवाजाही होती है। फिलहाल परिवहन निगम की बसों का दिल्ली में प्रवेश नहीं होने दिया जा रहा है। इस कारण जनपद से आनंद बिहार तक जाने वाली बसें वर्तमान में यूपी बार्डर के गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे तक ही जाती हैं। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बसों से दिल्ली जाना होता है। उरई से इटावा, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, खुर्जा, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, दादरी होकर दिल्ली बार्डर तक बसें आती-जाती हैं। इनसे रोजाना 800 से 1000 यात्रियों की आवाजाही होती है। इनके यात्रियों में कहीं पर कोई सावधानी नहीं दिखाई देती है। न कोई मास्क लगा रहा है और न की बसें ही सैनेटाइज हो रही है। जिससे भी महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
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गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भी बस अड्डे पर जांच के नाम पर खानापूरी खतरनाक साबित हो सकती है। न तो दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और न ही बसों में सैनेटाइजिंग की कोई व्यवस्था है। कई बसों के चालक-परिचालक बिना मास्क ही टिकट बनाते या गाड़ी चलाते दिख रहे हैं। बस अड्डे पर लगी सैनिटाइजेशन मशीन भी यूं बंद पड़ी हुई है कि मानो कोरोना जिले से खत्म हो चुका हो। ऐसे में यात्री भगवान भरोसे हैं।
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उधर, उरई डिपो के प्रभारी बीके द्विवेदी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपने क्षेत्र में यूपी की बसों का आने से रोक दिया है। हालांकि बार्डर के उस तरफ आनंद बिहार बस अड्डा है। उन्होंने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग की लेकर यात्री विवाद करते हैं। हालांकि एक कर्मचारी की तैनाती है जो रजिस्टर में यात्रियों का नाम पता जरूर नोट करता है।
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उरई से दिल्ली के लिए रोजाना 12 से 15 बसों की आवाजाही होती है। फिलहाल परिवहन निगम की बसों का दिल्ली में प्रवेश नहीं होने दिया जा रहा है। इस कारण जनपद से आनंद बिहार तक जाने वाली बसें वर्तमान में यूपी बार्डर के गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे तक ही जाती हैं। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बसों से दिल्ली जाना होता है। उरई से इटावा, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, खुर्जा, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, दादरी होकर दिल्ली बार्डर तक बसें आती-जाती हैं। इनसे रोजाना 800 से 1000 यात्रियों की आवाजाही होती है। इनके यात्रियों में कहीं पर कोई सावधानी नहीं दिखाई देती है। न कोई मास्क लगा रहा है और न की बसें ही सैनेटाइज हो रही है। जिससे भी महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।