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नेशनल टीम ने परखी नदीगांव सीएचसी की गुणवत्ता
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नदीगांव सीएचसी में निरीक्षण करती टीम
- फोटो : ORAI
उरई। नदीगांव सीएचसी का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एन्क्वास) की दो सदस्यीय टीम ने दो दिन तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने इमरजेंसी विभाग, लेबर रूम, अंत:रोगी विभाग, बाह्य रोगी विभाग, पैथोलॉजी लैब, फार्मेसी कक्ष, सामान्य प्रशासन और सहयोगी सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।
नदीगांव सीएचसी को राज्य स्तरीय कायाकल्प योजना के तहत प्रदेश में दूसरा स्थान मिल चुका है। इसके बाद राष्ट्र स्तरीय पुरस्कार के लिए भी नदीगांव सीएचसी ने आवेदन किया था। इसके लिए भारत सरकार से नामित दो सदस्यीय टीम में शामिल डा. शरद कुमार राव (मंगलौर कर्नाटक) व डा. अंकुर सूदन (नई दिल्ली) आए थे। टीम ने अस्पताल के मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, बिल्डिंग, स्टाफ का व्यवहार, पैथालाजी जांच, अभिलेखों का रखरखाव देखा और मरीजों से फीडबैक लिया। टीम अब अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी। इसके बाद अस्पताल को पुरस्कार के लिए चुना जाएगा।
कायाकल्प के मंडलीय परामर्शदाता डा. राजेश पटेल एवं जनपदीय परामर्शदाता डा. अरुण कुमार ने बताया कि टीम ने दो दिन तक अस्पताल में रहकर अस्पताल के अंदर और बाहर के परिसर की कई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली और बिंदुवार रिपोर्ट तैयार की। अब टीम अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी। यदि अस्पताल को 70 फीसदी से ज्यादा अंक मिलते हैं तो यह अस्पताल पुरस्कार की सूची में शामिल हो जाएगा। इस दौरान सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. देवेंद्र भिटौरिया, एसीएमओ डा. बीएम खैर भी मौजूद रहे।
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नदीगांव सीएचसी को राज्य स्तरीय कायाकल्प योजना के तहत प्रदेश में दूसरा स्थान मिल चुका है। इसके बाद राष्ट्र स्तरीय पुरस्कार के लिए भी नदीगांव सीएचसी ने आवेदन किया था। इसके लिए भारत सरकार से नामित दो सदस्यीय टीम में शामिल डा. शरद कुमार राव (मंगलौर कर्नाटक) व डा. अंकुर सूदन (नई दिल्ली) आए थे। टीम ने अस्पताल के मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, बिल्डिंग, स्टाफ का व्यवहार, पैथालाजी जांच, अभिलेखों का रखरखाव देखा और मरीजों से फीडबैक लिया। टीम अब अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी। इसके बाद अस्पताल को पुरस्कार के लिए चुना जाएगा।
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कायाकल्प के मंडलीय परामर्शदाता डा. राजेश पटेल एवं जनपदीय परामर्शदाता डा. अरुण कुमार ने बताया कि टीम ने दो दिन तक अस्पताल में रहकर अस्पताल के अंदर और बाहर के परिसर की कई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली और बिंदुवार रिपोर्ट तैयार की। अब टीम अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी। यदि अस्पताल को 70 फीसदी से ज्यादा अंक मिलते हैं तो यह अस्पताल पुरस्कार की सूची में शामिल हो जाएगा। इस दौरान सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. देवेंद्र भिटौरिया, एसीएमओ डा. बीएम खैर भी मौजूद रहे।
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