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Jalaun News: कथा सुनने पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और नंद गोपाल नंदी
Sun, 28 Jan 2024 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 28 Jan 2024 01:04 AM IST
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आटा। जालौन जिले के चमारी में श्रीमद्भागवत कथा में अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास मनोज अवस्थी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग विस्तार से सुनाए। मुख्य यजमान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल नंदी , कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, उर्विजा दीक्षित, घनश्याम अनुरागी,गौरीशंकर वर्मा, मूलचंद निरंजन,आशीष मिश्रा, सुरेंद्र राजपूत , अमित गुप्ता, ने कथा का दीप प्रज्वलित किया।
कथा में गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम आकृति झांकी के माध्यम से दर्शाई गई। भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाए गए। प्रवचनों में भगवताचार्य मनोज अवस्थी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया। उन्होंने बाल्य अवस्था में ही कालीय नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया। पूतना एवं बकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत किया। गायकों द्वारा सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। शशिकांत द्विवेदी और सिया द्विवेदी ने पूजन किया। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में शामिल होना उनका सोभाग्य है। वहीं नंद गोपाल नंदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का रसपान भाग्य शाली व्यक्ति ही कर पाता है।
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कथा में गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम आकृति झांकी के माध्यम से दर्शाई गई। भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाए गए। प्रवचनों में भगवताचार्य मनोज अवस्थी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया। उन्होंने बाल्य अवस्था में ही कालीय नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया। पूतना एवं बकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत किया। गायकों द्वारा सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। शशिकांत द्विवेदी और सिया द्विवेदी ने पूजन किया। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में शामिल होना उनका सोभाग्य है। वहीं नंद गोपाल नंदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का रसपान भाग्य शाली व्यक्ति ही कर पाता है।
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