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मानसिक रोगियों को घर पर ही मिलेगी सलाह, न हो परेशान
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उरई। मानसिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर पर ही निशुल्क परामर्श की व्यवस्था कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नंबरों पर कॉल कर काउंसलर को अपनी समस्या बताकर इलाज की जानकारी ले सकते हैं।
कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान लोगों को सिर्फ जरूरी होने पर ही सरकारी अस्पतालों में आने की सलाह दी जा रही है। लॉकडाउन की अवधि में मनोरोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मनोरोगियों की समस्याओं को सुनने और उनकी समस्याओं के निदान के लिए शासन ने हर जिले में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निशुल्क परामर्श का निर्णय लिया है। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि जिले के लोगों की मानसिक परेशानी के लिए जिले में दो मनोरोग सलाहकारों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं हैं।
उनके नंबर 8738830715 एवं 9411667170 है। इन नंबरों पर कोई भी व्यक्ति अपनी मानसिक समस्या बता सकता है। नींद न आने, डिप्रेशन जैसी समस्याएं बता सकता है। ऐसे लोगों की यह सलाहकार पूरी बात सुनेंगी और उन्हें उचित परामर्श देंगी। यदि जरूरी होगा तो उन्हें अस्पताल जाने की सलाह दी जाएगी। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डा. बीएम खैर ने बताया कि मनोरोग काउंसलर अर्चना विश्वास और मेरठ की आरती को जिम्मेदारी दी गई है।
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कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान लोगों को सिर्फ जरूरी होने पर ही सरकारी अस्पतालों में आने की सलाह दी जा रही है। लॉकडाउन की अवधि में मनोरोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मनोरोगियों की समस्याओं को सुनने और उनकी समस्याओं के निदान के लिए शासन ने हर जिले में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निशुल्क परामर्श का निर्णय लिया है। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि जिले के लोगों की मानसिक परेशानी के लिए जिले में दो मनोरोग सलाहकारों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं हैं।
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उनके नंबर 8738830715 एवं 9411667170 है। इन नंबरों पर कोई भी व्यक्ति अपनी मानसिक समस्या बता सकता है। नींद न आने, डिप्रेशन जैसी समस्याएं बता सकता है। ऐसे लोगों की यह सलाहकार पूरी बात सुनेंगी और उन्हें उचित परामर्श देंगी। यदि जरूरी होगा तो उन्हें अस्पताल जाने की सलाह दी जाएगी। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डा. बीएम खैर ने बताया कि मनोरोग काउंसलर अर्चना विश्वास और मेरठ की आरती को जिम्मेदारी दी गई है।
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