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कृष्ण ने किया कंस का वध
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:17 AM IST
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कोंच की रामलीला के 163वें महोत्सव के समापन के बाद परंपरानुसार कृष्णावतार व कंस वध का मंचन किया गया। कथानक के अनुसार क्षीर सागर में शेषनाग पर बैठे भगवान श्री विष्णु के पास देवर्षि नारद आए और उन्होंने श्रीहरि विष्णु से पृथ्वी पर बढ़ते कंस के अत्याचारों को समाप्त करने के लिए अवतार लेने की गुजारिश की। इसके बाद श्री हरि विष्णु ने अवतार लिया और कंस का वध कर दिया।
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कंस वध का यह मंचन बेहद प्रभावशाली रहा। संगीत विभाग ने स्पेशल इफेक्ट देकर दृश्यों को खासा प्रभावी बना दिया। विष्णु और कृष्ण का किरदार सिद्घहस्त रंगकर्मी राजस्व संग्रह अमीन अतुल शर्मा ने निभाया।
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कंस का अभिषेक रिछारिया, बसुदेव कृष्णकांत वाजपेयी, देवकी वीरेंद्र त्रिपाठी, उग्रसेन गोविंदशरण मिश्रा, ब्रह्मा आनंद पांडे, अक्रूर मिरकू महाराज, चाड़ूर निर्भय यादव, मुष्टिïक सुमित झा, नारद दुर्गेश शुक्ला के अलावा ऋषि झा आदि ने भी अभिनय किए। सांकेतिक विभाग की कमान नरोत्तम स्वर्णकार ने संभाल रखी थी जबकि अन्य व्यवस्थाओं में रमेश तिवारी, मृदुल दांतरे आदि का सहयोग रहा। सीनरी विभाग ने दृश्यांकन करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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