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डांस प्रतियोगिता में गरिमा अव्वल
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उरई। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत महात्मा गांधी की जयंती पर मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने कलक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में एनसीसी कैडेट और चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी शामिल रहे।
बुधवार को मैराथन आंबेडकर चौराहे से होते हुए जिला अस्पताल पहुंची। रैली में शामिल कैडेट व स्वास्थ्य कर्मी कुष्ठ उन्मूलन संबंधी नारे लगाते रहे। रैली के बाद जिला अस्पताल में गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद उन्होंने दस कुष्ठ रोगियों को शाल व फल वितरित किए। सीएमओ ने कहा कि जो रोगी नियमित कुष्ठ की दवा लेगा, वह कुष्ठ मुक्त हो जाएगा। कुष्ठ का इलाज मुफ्त है। दवा खाने में लापरवाही न बरते। जिला कुष्ठ अधिकारी डा. सत्यप्रकाश ने बताया कि जालौन जिले में इस समय 162 कुष्ठ रोगी है। इनमें 46 महिलाएं भी शामिल है। जिनका नियमित उपचार चल रहा है। कुष्ठ के कारण जिन रोगियों में दिव्यांगता आ जाती है, उन्हें शासन की ओर से ढाई हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। जिला कुष्ठ परामर्शदाता डा. मदनमोहन ने बताया कि अभियान चलाकर कुष्ठ रोगी खोजे रहे है। सितंबर माह में जिले के नौ ब्लाकों के सौ गांवों में कुष्ठ जागरुकता अभियान चलाया गया। इसमें 23 नए कुष्ठ रोगी मिले है। जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है।
कुष्ठ रोगियों का दो तरह का उपचार होता है। इसमें मल्टी ड्रग थेरेपी में छह माह और एक साल का इलाज होता है। जिन मरीजों को कुष्ठ से विकलांगता आ जाती है उनका मिशन हास्पिटल नैनी (प्रयागराज) में निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। उन्हें आने आने की सुविधाएं मुहैया मुफ्त कराई जाती है। इस दौरान जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके सक्सेना सहित अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।
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बुधवार को मैराथन आंबेडकर चौराहे से होते हुए जिला अस्पताल पहुंची। रैली में शामिल कैडेट व स्वास्थ्य कर्मी कुष्ठ उन्मूलन संबंधी नारे लगाते रहे। रैली के बाद जिला अस्पताल में गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद उन्होंने दस कुष्ठ रोगियों को शाल व फल वितरित किए। सीएमओ ने कहा कि जो रोगी नियमित कुष्ठ की दवा लेगा, वह कुष्ठ मुक्त हो जाएगा। कुष्ठ का इलाज मुफ्त है। दवा खाने में लापरवाही न बरते। जिला कुष्ठ अधिकारी डा. सत्यप्रकाश ने बताया कि जालौन जिले में इस समय 162 कुष्ठ रोगी है। इनमें 46 महिलाएं भी शामिल है। जिनका नियमित उपचार चल रहा है। कुष्ठ के कारण जिन रोगियों में दिव्यांगता आ जाती है, उन्हें शासन की ओर से ढाई हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। जिला कुष्ठ परामर्शदाता डा. मदनमोहन ने बताया कि अभियान चलाकर कुष्ठ रोगी खोजे रहे है। सितंबर माह में जिले के नौ ब्लाकों के सौ गांवों में कुष्ठ जागरुकता अभियान चलाया गया। इसमें 23 नए कुष्ठ रोगी मिले है। जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है।
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कुष्ठ रोगियों का दो तरह का उपचार होता है। इसमें मल्टी ड्रग थेरेपी में छह माह और एक साल का इलाज होता है। जिन मरीजों को कुष्ठ से विकलांगता आ जाती है उनका मिशन हास्पिटल नैनी (प्रयागराज) में निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। उन्हें आने आने की सुविधाएं मुहैया मुफ्त कराई जाती है। इस दौरान जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके सक्सेना सहित अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।
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